आईजी अभिषेक शांडिल्य ने प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को दिए आधुनिक पुलिसिंग के गुर, तकनीक और जनसेवा पर दिया जोर
दुर्ग पुलिस लाइन में आयोजित समीक्षा कार्यक्रम में 47 प्रशिक्षु उप निरीक्षक और 1 सूबेदार को अनुशासन, साइबर जांच, डिजिटल तकनीक और निष्पक्ष पुलिसिंग के दिए निर्देश

दुर्ग। पुलिस लाइन स्थित दधीचि सभागार में सोमवार को आयोजित प्रशिक्षण समीक्षा एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम में दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य ने प्रशिक्षणाधीन 47 उप निरीक्षकों और 1 सूबेदार को आधुनिक पुलिसिंग, तकनीकी दक्षता, अनुशासन और जनोन्मुखी पुलिस सेवा के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। आईजी ने कहा कि प्रशिक्षण अवधि एक पुलिस अधिकारी के पूरे सेवा जीवन की सबसे महत्वपूर्ण नींव होती है। इसी दौरान अर्जित ज्ञान, अनुशासन और कार्यशैली भविष्य में एक सक्षम और जिम्मेदार पुलिस अधिकारी का निर्माण करती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से शारीरिक और मानसिक रूप से सदैव फिट रहने, ईमानदारी, संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कानून के अनुरूप कार्य करने का आह्वान किया।

उन्होंने वर्तमान समय में तकनीक आधारित पुलिसिंग के महत्व पर जोर देते हुए सीसीटीएनएस, ऑनलाइन चालान प्रणाली, ई-साक्ष्य संकलन, ई-एफएसएल, समन्वय पोर्टल, मेडलीपार और नेटग्रिड जैसी डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण लेने की सलाह दी। साथ ही वैज्ञानिक विवेचना, गुणवत्तापूर्ण केस डायरी लेखन, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण, समयबद्ध जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया को मजबूत बनाने के संबंध में भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
आईजी शांडिल्य ने कहा कि प्रत्येक मामले में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष विवेचना होनी चाहिए। पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग को प्राथमिकता देते हुए आम नागरिकों के साथ संवेदनशील और सकारात्मक व्यवहार बनाए रखना हर पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिस अधिकारी को कानून के साथ-साथ तकनीक, नेतृत्व क्षमता और प्रभावी संवाद कौशल में भी दक्ष होना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं ने साइबर अपराध, तकनीकी पुलिसिंग, विवेचना और न्यायालयीन कार्यवाही से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका आईजी ने विस्तार से समाधान किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चन्द्रा, डीएसपी लाइन चंद्र प्रकाश तिवारी, रक्षित निरीक्षक नीलकंठ सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
