160 बच्चों को मोजे, जरूरतमंद विद्यार्थियों को कंपास बॉक्स, स्कूलों में खेल सामग्री और 400 बच्चों को बांटी मिठाई


भिलाई। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था दिशा ने सेवा, सहयोग और सद्भावना की भावना को केंद्र में रखते हुए विभिन्न विद्यालयों और जरूरतमंद बच्चों के बीच सेवा गतिविधियां आयोजित कीं। संस्था के सदस्यों ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए बच्चों के बीच उपयोगी सामग्री और मिठाइयां वितरित कीं।
सेवा अभियान के तहत शासकीय प्राथमिक शाला, रूआबांधा के सभी 160 बच्चों को मोजे वितरित किए गए। वहीं कक्षा-5 में अध्ययनरत 20 जरूरतमंद विद्यार्थियों को कंपास बॉक्स प्रदान किए गए। गणित की शिक्षिका को ब्लैक बोर्ड पर विद्यार्थियों को ज्यामिति समझाने के लिए बड़ा ज्यामिति बॉक्स भी दिया गया।
पढ़ाई के साथ खेल को भी बढ़ावा
बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों में क्रिकेट बॉल सहित विभिन्न खेल सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। संस्था का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलकूद की गतिविधियों से जोड़ना और उनमें खेल के प्रति रुचि विकसित करना है। दिशा की ओर से बीज निगम के लेबर कैंप में संचालित गरीब बच्चों की पाठशाला के लिए शेड निर्माण हेतु आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिल सके, इसके लिए संस्था के एक सदस्य ने व्यक्तिगत रूप से उनके बैठने की व्यवस्था के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहयोग दिया।
400 बच्चों तक पहुंचाई स्वतंत्रता दिवस की खुशी
स्वतंत्रता दिवस की खुशियां अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचाने के उद्देश्य से दिशा संस्था ने स्नेह संपदा, सेक्टर-8 भिलाई सहित विभिन्न विद्यालयों के करीब 400 बच्चों को मिठाई के पैकेट वितरित किए। मिठाई पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। संस्था के सदस्यों ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल ध्वजारोहण और उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह समाज के जरूरतमंद वर्ग तक सहयोग और खुशियां पहुंचाने का भी पर्व है। बच्चों के बीच उपयोगी सामग्री का वितरण और उनके चेहरों पर आई मुस्कान इस सेवा अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
सामूहिक सहयोग से सेवा का संदेश
पूरे कार्यक्रम में दिशा के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता और सामूहिक सहयोग का परिचय दिया। संस्था ने सेवा अभियान में सहयोग और भागीदारी के लिए सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। संस्था का कहना है कि समाज में सेवा, संवेदना और राष्ट्रभावना को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा, खेल और बुनियादी जरूरतों में सहयोग के ऐसे प्रयास आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया गया।
