भिलाई के PW इंस्टीट्यूट पर वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप, एडमिशन पूछताछ के बहाने छात्रा के परिवार पर थोपा गया लोन, खाते से काटे गए ₹22,547
दुर्ग कलेक्टर और एसएसपी से कार्रवाई की मांग

भिलाई। फिजिक्स वाला PW के नेहरू नगर भिलाई स्थित कोचिंग सेंटर पर एक छात्रा के परिवार के साथ कथित वित्तीय धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि एडमिशन संबंधी जानकारी लेने पहुंचे परिवार के दस्तावेज और OTP का दुरुपयोग कर उनके नाम पर बिना अनुमति लोन पास करा दिया गया और बैंक खाते से ₹22,547 की राशि काट ली गई।
मामले की शिकायत छात्रा के मामा अमजद अली द्वारा जिला प्रशासन और दुर्ग पुलिस को लिखित रूप से दी गई है। शिकायत में FIR दर्ज कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।

क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी भांजी अरीबा अपने माता-पिता के साथ नेहरू नगर स्थित PW इंस्टीट्यूट में केवल एडमिशन प्रक्रिया की जानकारी लेने गई थी। परिवार ने संस्थान के स्टाफ को साफ बताया था कि फिलहाल आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और पैसों की व्यवस्था होने के बाद ही एडमिशन लिया जाएगा।
आरोप है कि इसके बाद इंस्टीट्यूट स्टाफ ने सामान्य प्रक्रिया बताकर छात्रा की मां से आधार कार्ड और पैन कार्ड मंगवाए। बाद में मोबाइल पर आए OTP की जानकारी भी ली गई, जिसे परिवार ने प्रक्रिया का हिस्सा समझकर साझा कर दिया।

बिना सहमति के पास कराया गया लोन
पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी जानकारी और अंतिम सहमति के बिना Lord Krishna Finance के माध्यम से लोन स्वीकृत करा दिया गया। परिवार को पहले बताया गया था कि यदि एडमिशन प्रक्रिया पूरी होती है तो ₹13,733 की मासिक किश्त पांच महीने तक कटेगी, लेकिन नियमों के विपरीत सीधे ₹22,547 की राशि खाते से काट ली गई। परिवार का कहना है कि उन्हें किसी प्रकार का अंतिम पुष्टिकरण कॉल या लिखित सहमति प्रक्रिया नहीं कराई गई।
आम आदमी पार्टी का हस्तक्षेप
मामले की जानकारी मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के दुर्ग जिला अध्यक्ष जसप्रीत सिंह ने संस्थान पहुंचकर प्रबंधन और स्टाफ से चर्चा की। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि बातचीत के दौरान स्टाफ ने गलती स्वीकार करते हुए एक सप्ताह में राशि वापस कराने और मामला सुलझाने का आश्वासन दिया।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि स्टाफ ने उन्हें सलाह दी कि वे अपने बैंक खाते में अतिरिक्त पैसा न रखें, ताकि आगे और कटौती न हो सके। पूरे घटनाक्रम और बातचीत का वीडियो फुटेज भी सुरक्षित होने का दावा किया गया है।
बड़े रैकेट की आशंका
शिकायतकर्ता अमजद अली और आम आदमी पार्टी नेताओं ने आशंका जताई है कि यह केवल एक मामला नहीं हो सकता, बल्कि छात्रों और अभिभावकों को फाइनेंस प्रक्रिया में फंसाकर आर्थिक लाभ कमाने का बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है।
प्रशासन से प्रमुख मांगें
- संबंधित स्टाफ, स्थानीय प्रबंधन और फाइनेंस कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज की जाए
- खाते से कटी ₹22,547 की राशि तत्काल वापस कराई जाए
- कथित अवैध लोन प्रक्रिया को निरस्त किया जाए
- पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
- शिकायत के साथ बैंक स्टेटमेंट, दस्तावेजों की प्रतियां और वीडियो साक्ष्य भी प्रशासन को सौंपे गए हैं।

