एसआरयू में बड़े बदलाव की तैयारी, जॉइंट वेंचर से खुलेगा रोजगार और तकनीक का नया दौर
भिलाई दौरे पर पहुंचे सेल रिफ्रैक्टरी यूनिट के कार्यपालक निदेशक पीके रथ

भिलाई। सेल रिफ्रैक्टरी यूनिट यानी एसआरयू में आने वाले समय में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसी कड़ी में एसआरयू के कार्यपालक निदेशक पी. के. रथ का भिलाई दौरा काफी अहम माना जा रहा है। दौरे के दौरान उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों और यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की।

बैठक में एसआरयू के प्रस्तावित जॉइंट वेंचर को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यपालक निदेशक पी. के. रथ ने कहा कि यह जॉइंट वेंचर एसआरयू के लिए स्वर्णिम युग की शुरुआत साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि रिफ्रैक्टरी उद्योग कई चुनौतियों से गुजर रहा है। कच्चे माल के लिए विदेशों पर निर्भरता, महंगी तकनीक और बढ़ती लागत के बीच एसआरयू को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए बड़े स्तर पर बदलाव जरूरी है।
प्रबंधन के मुताबिक सरकार और सेल प्रबंधन कुछ बड़ी कंपनियों के साथ मिलकर जॉइंट वेंचर मॉडल पर काम कर रहे हैं और योजना अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इसके लागू होने के बाद भिलाई में बड़े पैमाने पर रिफ्रैक्टरी उत्पादों का निर्माण किया जाएगा, जिससे देशभर में बढ़ती मांग को पूरा किया जा सकेगा।

बैठक में यह भी साफ किया गया कि वर्तमान कर्मचारियों को विकल्प दिया जाएगा कि वे सेल में बने रहना चाहते हैं या जॉइंट वेंचर में काम करना चाहते हैं। यह फैसला पूरी तरह कर्मचारियों की सहमति पर आधारित होगा।
वहीं यूनियन प्रतिनिधि उज्ज्वल दत्ता ने कहा कि यदि जॉइंट वेंचर से एसआरयू को नई पहचान और आधुनिक तकनीक मिलती है तो यूनियन इसका स्वागत करेगी। हालांकि उन्होंने कर्मचारियों और खासकर ठेका श्रमिकों के हितों की सुरक्षा को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्थिति में छंटनी स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में प्लांट के मेंटेनेंस, मशीनों की सुरक्षा, उत्पादन और श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रबंधन और यूनियनों ने एसआरयू के विकास और कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देने पर सहमति जताई।
इस दौरान शेख महमूद, शिव बहादुर सिंह, युवराज डहरिया, अजय प्रभाकर, एन. के. चौहान, कार्तिक हजारा, टिकेश्वर लाल साहू और श्रीनिवास राव समेत कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।