दुर्ग रसमड़ा में गैस का बड़ा खेल उजागर: 599 सिलेंडर और 2841 किलो LPG जब्त, नियमों की खुली धज्जियां


दुर्ग जिले के रसमड़ा में घरेलू गैस की किल्लत के बीच एक बड़ा गोरखधंधा सामने आया है। जिला खाद्य विभाग की टीम ने बोरई इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर स्थित पापुशा गैसेस प्राइवेट लिमिटेड पर छापेमारी कर भारी अनियमितताओं का खुलासा किया है।

जांच के दौरान मौके से कुल 599 गैस सिलेंडर और 2841 किलोग्राम एलपीजी जब्त किया गया। यही नहीं, रिफिलिंग के लिए इस्तेमाल किए जा रहे तीन बड़े बुलेट टैंक भी पाए गए, जिनमें गैस का भंडारण किया जा रहा था।

खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया के अनुसार, जांच में सामने आया कि फर्म द्वारा गैस सिलेंडरों की पेंटिंग की जा रही थी और उन पर मनमाने तरीके से नेट वेट, टेयर वेट और एक्सपायरी डेट अंकित की जा रही थी। जब संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो फर्म कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सकी।
सबसे अहम बात यह रही कि स्टॉक रजिस्टर और मौके पर मौजूद सिलेंडरों की संख्या में बड़ा अंतर मिला। फर्म ने अतुल रबर नाम के डीलर को सप्लाई देने की बात तो कही, लेकिन उससे जुड़े कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखाए गए।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि पापुशा गैसेस और कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली से अलग समानांतर मार्केटिंग सिस्टम चलाया जा रहा था, जिसकी जानकारी न तो प्रशासन को दी गई और न ही कोई वैध प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया।
इन सभी गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए विभाग ने एलपीजी प्रदाय और वितरण विनियमन आदेश 2000 के तहत कार्रवाई करते हुए 599 सिलेंडर और 2841 किलो एलपीजी को जब्त कर लिया है।
अब सवाल यह है कि जब एक तरफ आम उपभोक्ता गैस की किल्लत से जूझ रहे हैं, तो दूसरी तरफ इस तरह का अवैध कारोबार किसकी शह पर चल रहा था? फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।
