2 से 15 हजार के कमीशन के लिए बेच दिया बैंक खाता, साइबर ठगी की रकम खपाने वाले 6 गिरफ्तार

दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, खाते के साथ पासबुक, ATM, चेकबुक और सिम भी देते थे; तीन थाना क्षेत्रों में लाखों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन का खुलासा

2 से 15 हजार के कमीशन के लिए बेच दिया बैंक खाता, साइबर ठगी की रकम खपाने वाले 6 गिरफ्तार

भिलाई। साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों में खपाने वाले म्यूल खाताधारकों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सुपेला, भिलाई भट्ठी और भिलाई नगर थाना क्षेत्रों से छह खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग 2 हजार से 15 हजार रुपये तक के कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते, पासबुक, ATM कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध करा रहे थे।

पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराध और म्यूल बैंक खातों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। साइबर ठगी के मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों के लेनदेन का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को प्राप्त करने और दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया गया।

कमीशन के लिए सौंप दिए खाते

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने अपने बैंक खातों से संबंधित जरूरी दस्तावेज और बैंकिंग साधन दूसरे लोगों को उपलब्ध कराए थे। इनमें पासबुक, ATM कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड शामिल हैं। इनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजने और खपाने के लिए किया जाता था। पुलिस के अनुसार, संबंधित बैंक खातों में लाखों रुपये से अधिक की संदिग्ध धनराशि का ट्रांजेक्शन सामने आया है। तकनीकी साक्ष्य, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य सबूतों के आधार पर छह आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

तीन थानों में दर्ज मामलों में कार्रवाई

8 सितंबर को थाना सुपेला के अपराध क्रमांक 679/2026 में तीन आरोपियों, थाना भिलाई भट्ठी के अपराध क्रमांक 63/2026 में एक आरोपी और थाना भिलाई नगर के अपराध क्रमांक 388/2026 में दो आरोपियों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।

ऐसे काम करता था म्यूल अकाउंट का नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक, आरोपी कमीशन के लालच में अपने या दूसरे लोगों के बैंक खाते साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे। इसके साथ पासबुक, ATM कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड भी उपलब्ध कराए जाते थे। साइबर ठगी की रकम पहले इन खातों में आती थी और इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। इस तरह ठगी की रकम को कई स्तरों पर घुमाकर उसका स्रोत छिपाने की कोशिश की जाती थी।

गिरफ्तार आरोपी

1. मोहन राम, उम्र 50 वर्ष, निवासी घासीदास नगर, जामुल, जिला दुर्ग।

2. गजेन्द्र कुमार साहू, उम्र 23 वर्ष, निवासी प्लाट नंबर 130/के, सड़क नंबर 03, हिन्द नगर, रिसाली, जिला दुर्ग।

3. भीष्म लाल भारती, उम्र 27 वर्ष, निवासी पानी टंकी के पास, सांकरा, कुम्हारी, जिला दुर्ग।

4. ओम प्रकाश यादव, उम्र 28 वर्ष, निवासी स्कूल के पास, चिखली, चौकी जेवरा सिरसा, जिला दुर्ग।

5. देवरतन टंडन, उम्र 39 वर्ष, निवासी शहीद वीर नारायण नगर, वार्ड नंबर 28, खुर्सीपार, जिला दुर्ग।

6. लोकनाथ वर्मा, उम्र 29 वर्ष, निवासी लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के पीछे, पांच रास्ता, सुपेला, जिला दुर्ग।

बैंकिंग दस्तावेज और मोबाइल जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंक खातों की पासबुक, ATM कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और बैंकिंग लेनदेन से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। दुर्ग पुलिस अब इन बैंक खातों में हुए पूरे लेनदेन की पड़ताल कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इन खातों को उपलब्ध कराने वाले आरोपी किन एजेंटों और साइबर अपराधियों के संपर्क में थे और ठगी की रकम का नेटवर्क कितने स्तर तक फैला हुआ है।