दुर्ग में बिल्डरों के ठिकानों पर ED की दबिश
सजल जैन और विश्वास गुप्ता से जुड़े परिसरों में जांच जारी, दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल



भिलाई। दुर्ग में गुरुवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों के कई ठिकानों पर दबिश दी। जानकारी के मुताबिक करीब 7 अधिकारियों की टीम सुबह लगभग 6 बजे बिल्डर सजल जैन और विश्वास गुप्ता से जुड़े परिसरों में पहुंची। दोनों ठिकानों पर जांच फिलहाल जारी है।
गांधी चौक से शनिचरी बाजार तक कार्रवाई
जानकारी के अनुसार ED की टीम दुर्ग के गांधी चौक स्थित जय आनंद परिसर, जैन गली और डॉक्टर ताम्रकार के समीप सजल जैन से जुड़े परिसरों में पहुंची। इसके अलावा शनिचरी बाजार स्थित श्रीराम हार्डवेयर में विश्वास गुप्ता से जुड़े ठिकाने पर भी जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सुबह से शुरू हुई कार्रवाई के बाद संबंधित परिसरों के बाहर हलचल बनी हुई है। टीम द्वारा कार्यालयों और आवासीय परिसरों में दस्तावेज, कारोबारी लेन-देन और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
पहले ACB भी कर चुकी है कार्रवाई
सजल जैन और विश्वास गुप्ता से जुड़े परिसरों पर इससे पहले ACB की कार्रवाई भी हो चुकी है। हालांकि, वर्तमान ED कार्रवाई के संबंध में जांच का आधिकारिक कारण अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।
रिद्धि-सिद्धि बिल्डर्स से जुड़ा नाम, रामगोपाल अग्रवाल से कनेक्शन की चर्चा
सजल जैन का संबंध रिद्धि-सिद्धि बिल्डर्स से बताया जाता है। वहीं विश्वास गुप्ता भी इसी बिल्डर समूह से जुड़े पार्टनर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक ED की कार्रवाई कथित तौर पर रियल एस्टेट कारोबार और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच से जुड़ी हो सकती है।
सजल जैन और विश्वास गुप्ता को कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल का करीबी बताया जाता रहा है। सूत्रों के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल से जुड़े दस्तावेजों और जांच के दौरान सामने आए इनपुट के आधार पर ED की जांच रियल एस्टेट कारोबारियों तक पहुंचने की बात कही जा रही है।
हालांकि, ED की ओर से फिलहाल कार्रवाई के कारणों, जांच के दायरे या बरामदगी को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि जांच के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली है। कार्रवाई पूरी होने और ED की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
