शिवमहापुराण कथा स्थल पर संदिग्ध रूप से घूम रहीं 7 महिलाओं पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

शिवमहापुराण कथा स्थल पर संदिग्ध रूप से घूम रहीं 7 महिलाओं पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

भिलाई। जयंती स्टेडियम, सिविक सेंटर भिलाई में चल रही शिवमहापुराण कथा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस ने संदिग्ध रूप से घूम रहे महिलाओं के एक समूह को चिन्हित कर पूछताछ की। संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस ने सात महिलाओं को थाना भिलाई नगर लाकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार 17 से 23 अगस्त तक आयोजित शिवमहापुराण कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए कथा स्थल पर लगातार निगरानी की जा रही है। इसी दौरान 17 अगस्त को पुलिस ने महिलाओं के एक समूह को संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते हुए चिन्हित किया। पूछताछ के दौरान संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर सभी सात महिलाओं को थाने लाया गया और आवश्यक पहचान संबंधी प्रक्रिया पूरी की गई।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी अपराध के घटित होने की पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी महिला को अपराध के आरोपी के रूप में दर्ज किया गया है। कार्रवाई का उद्देश्य कथा स्थल पर संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखना है।

इन महिलाओं पर हुई कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक कार्रवाई श्रीमती रीना (35), श्रीमती अनीता देवी (22), श्रीमती सोनाली उर्फ शीला (45), श्रीमती जाह्नवी देवी (22) और श्रीमती गीता देवी (37), सभी निवासी ग्राम खड्डा, थाना सिवान, जिला रीवा, मध्यप्रदेश के विरुद्ध की गई।

इसके अलावा श्रीमती संगीता (25) और श्रीमती नैना (20), दोनों निवासी ग्राम समकलपुर, थाना पिपराइच, जिला गोरखपुर, उत्तरप्रदेश के विरुद्ध भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।

पुलिस ने इस कार्रवाई में किसी सामग्री की जब्ती नहीं की है।

श्रद्धालुओं से पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि कथा स्थल पर अनावश्यक रूप से महंगे आभूषण पहनकर न आएं। मोबाइल, नगदी और अन्य कीमती सामान को सुरक्षित रखें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने सामान के साथ बच्चों पर भी विशेष नजर रखें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।

पुलिस का कहना है कि धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, शांति और सुव्यवस्थित वातावरण बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।