असली हिस्सेदार की जगह दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर बेच दी कृषि भूमि, दो फरार आरोपी गिरफ्तार
पाटन पुलिस की कार्रवाई, विक्रय पत्र में एक आरोपी बना था क्रेता तो दूसरा गवाह; दोनों न्यायिक रिमांड पर

दुर्ग, 19 अगस्त 2026। ग्राम कुम्हली स्थित संयुक्त नाम की कृषि भूमि को कथित तौर पर फर्जी तरीके से विक्रय कराने के मामले में पाटन पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर भूमि के वास्तविक हिस्सेदार संजय कुमार के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को संजय कुमार के रूप में प्रस्तुत कर कृषि भूमि का विक्रय कराने में सहयोग किया था। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
2023 में दर्ज हुआ था मामला
पुलिस के मुताबिक थाना पाटन में अपराध क्रमांक 42/2023 के तहत धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी एवं 34 भादवि में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। शिकायत ग्राम कुम्हली स्थित संयुक्त नाम की कृषि भूमि के विक्रय से संबंधित थी।
विवेचना में सामने आया कि आरोपी ईश्वर दास ने कथित रूप से अपने सगे भाई संजय कुमार के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को संजय कुमार के रूप में प्रस्तुत कर भूमि का विक्रय आरोपी दिलीप बंजारे के पक्ष में कराया। विक्रय पत्र में कन्हैया बंजारे को गवाह बनाया गया था।
घटना के बाद से चल रहे थे फरार
पुलिस के अनुसार मामले में आरोपी ईश्वर दास को पहले ही 7 जून 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है। वहीं आरोपी दिलीप बंजारे और कन्हैया बंजारे घटना के बाद से फरार चल रहे थे।
पुलिस टीम लगातार दोनों आरोपियों के संभावित ठिकानों पर निगरानी रख रही थी। इसी दौरान 19 अगस्त को घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
क्रेता और गवाह की भूमिका
पुलिस की जांच के अनुसार फर्जी तरीके से भूमि विक्रय की प्रक्रिया में दिलीप बंजारे को क्रेता और कन्हैया बंजारे को गवाह बनाया गया था। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर भूमि के वास्तविक हिस्सेदार की पहचान का गलत इस्तेमाल कर विक्रय प्रक्रिया में सहयोग किया।
गिरफ्तार आरोपी
1. दिलीप बंजारे, उम्र 51 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 27, सिरसा भाठा, ग्राम सिरसाकला, थाना पुरानी भिलाई, जिला दुर्ग।
2. कन्हैया बंजारे, उम्र 52 वर्ष, निवासी सत्यम चौक, वार्ड क्रमांक 08, दिलीप किराना के पास, भिलाई-03, थाना पुरानी भिलाई, जिला दुर्ग।
दोनों आरोपियों को विधिवत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
ऐसे दिया गया कथित अंजाम
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर कृषि भूमि के वास्तविक हिस्सेदार की पहचान का गलत उपयोग किया। वास्तविक व्यक्ति के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर उसे असली हिस्सेदार के रूप में प्रस्तुत किया गया और इसके बाद भूमि का विक्रय कराया गया। मामले की विवेचना के दौरान आरोपियों की भूमिका सामने आने के बाद उनकी गिरफ्तारी की गई।
