छुट्टी के विवाद में CISF जवान ने की फायरिंग, असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 की मौत
कठुआ के हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में वारदात, हेड कांस्टेबल अवधेश सिंह ने सर्विस राइफल से की अंधाधुंध फायरिंग

नई दिल्ली/कठुआ। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में छुट्टी को लेकर हुए विवाद के बाद CISF के एक हेड कांस्टेबल ने कैंप में फायरिंग कर दी। गोलीबारी में असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार CISF कर्मियों की मौत हो गई। घटना कठुआ के हट्ट माश्का गांव स्थित सेवा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात CISF कैंप में मंगलवार शाम करीब 7 बजे हुई।
पुलिस के अनुसार आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश सिंह ने अपनी सर्विस राइफल से फायरिंग की। गोली लगने से असिस्टेंट कमांडेंट एवं कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय, सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप घायल हो गए। चारों को गंभीर हालत में हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित एनएचपीसी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में शवों को हिमाचल के खैरी अस्पताल में शिफ्ट किया गया।
छुट्टी को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में अवधेश सिंह ने बताया कि वह लंबे समय से छुट्टी के लिए आवेदन कर रहा था। कथित तौर पर छुट्टी मंजूर नहीं होने को लेकर वह नाराज था। मंगलवार को भी छुट्टी को लेकर विवाद हुआ और इसके बाद उसने गुस्से में फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार विवाद की शुरुआत असिस्टेंट कमांडेंट एवं कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय के साथ हुई थी। इसके बाद जवान ने कथित तौर पर सामने आए लोगों पर गोलियां चला दीं।
एके-47 से फायरिंग का दावा
CISF सूत्रों और पुलिस के अनुसार आरोपी के पास एके-47 राइफल और करीब 150 राउंड गोलियां थीं। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना के वास्तविक कारण और फायरिंग के पूरे क्रम की जांच की जा रही है। अवधेश सिंह वर्ष 2009 में CISF में भर्ती हुआ था। घटना के बाद सुरक्षा बल और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ के साथ घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
