डीप डिप्रेशन ने मचाई आफत, आंध्र-ओडिशा में भारी बारिश, छत्तीसगढ़ पर भी असर, 22 राज्यों में चेतावनी

डीप डिप्रेशन ने मचाई आफत, आंध्र-ओडिशा में भारी बारिश, छत्तीसगढ़ पर भी असर, 22 राज्यों में चेतावनी

रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन 23 सितंबर की रात उत्तर आंध्र प्रदेश के तट को पार कर गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सिस्टम ने कलिंगपट्टनम के पास तट को पार किया। इस दौरान 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि झोंकों की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची।

तट पार करने के बाद मौसम प्रणाली जमीन के ऊपर आगे बढ़ रही है और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। हालांकि इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा और आसपास के राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश समेत लगभग 22 राज्यों में भारी से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

आंध्र प्रदेश में भारी बारिश

उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश में डीप डिप्रेशन के कारण तेज बारिश और हवाओं का असर देखने को मिला। विशाखापत्तनम में 28 सेंटीमीटर तक अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि विजयवाड़ा-गन्नवरम और काकीनाडा में 15-15 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम खराब होने के कारण प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में एहतियाती कदम उठाए। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई और संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय किया गया।

ओडिशा में भी भारी बारिश का असर

दक्षिण ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं का असर रहा। गंजाम और गजपति में कई जगह पेड़ गिरने से सड़क यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई और सड़कों से मलबा हटाकर यातायात बहाल करने की कार्रवाई की। डीप डिप्रेशन के तट की ओर बढ़ने से पहले ओडिशा के कई जिलों में स्कूल बंद किए गए थे और संवेदनशील इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई थी।

छत्तीसगढ़ में भी बारिश का असर

मौसम प्रणाली के जमीन के ऊपर आगे बढ़ने के साथ इसका असर छत्तीसगढ़ तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में अगले चरण में भारी से बहुत भारी बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।

अर्नब नाम को लेकर स्थिति साफ

इस मौसम प्रणाली को लेकर सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में चक्रवात अर्नब नाम का इस्तेमाल किया गया, लेकिन IMD के अनुसार यह सिस्टम चक्रवाती तूफान की श्रेणी तक नहीं पहुंचा। इसलिए इसे आधिकारिक रूप से चक्रवात अर्नब कहना सही नहीं होगा। अर्नब उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र के चक्रवातों की नाम सूची में अगला नाम जरूर है, लेकिन इस सिस्टम को वह नाम नहीं दिया गया।