क्राइम मीटिंग में SSP का सख्त संदेश: लंबित केस निपटाएं, साइबर अपराध और नशे के नेटवर्क पर करें सीधी चोट

क्राइम मीटिंग में SSP का सख्त संदेश: लंबित केस निपटाएं, साइबर अपराध और नशे के नेटवर्क पर करें सीधी चोट

दुर्ग। जिले में अपराध नियंत्रण और पुलिस विवेचना की गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों की क्राइम मीटिंग ली। बैठक में लंबित मामलों से लेकर साइबर अपराध, नशे के कारोबार और आगामी त्योहारी आयोजनों की कानून-व्यवस्था तक की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधिकारियों को ई-साक्ष्य, ई-FSL, मेडलीपार और डिजिटल विवेचना की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार अपनाने के निर्देश दिए गए।

60 और 90 दिन में पूरी हो विवेचना

SSP विजय अग्रवाल ने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि वैधानिक 60 और 90 दिन की समय-सीमा के भीतर विवेचना पूरी कर चालान प्रस्तुत किया जाए। खास तौर पर वर्ष 2024 और 2025 से लंबित मामलों, MLC, PMR और FSL रिपोर्ट से जुड़े मामलों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए गए। वहीं CCTNS में FIR से F-5 तक की सभी डेटा एंट्री समयबद्ध और त्रुटिरहित तरीके से पूरा करने को कहा गया। केस की फाइल और डिजिटल रिकॉर्ड में किसी तरह का अंतर नहीं होना चाहिए, इस पर भी अधिकारियों को विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

साइबर अपराध और नशे के नेटवर्क पर फोकस

बैठक में साइबर अपराधों को लेकर भी सख्ती दिखाई गई। पुलिस अधिकारियों को बैंकिंग ट्रांजेक्शन, मोबाइल, डिजिटल फुटप्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल कर आरोपियों तक पहुंचने के निर्देश दिए गए। नशे के अवैध कारोबार को लेकर SSP ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई सिर्फ छोटे आरोपी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले पूरे नेटवर्क, सप्लायर और वितरण चैन की जानकारी जुटाकर नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।

फरार आरोपी और वारंटियों पर कार्रवाई

बैठक में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और लंबित वारंटों की तामीली की भी समीक्षा की गई। गुंडा-बदमाशों और आदतन अपराधियों पर नियमानुसार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। नाबालिगों से जुड़े मामलों में भी पुलिस को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने और अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परिवार, स्कूल और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर काउंसलिंग एवं सुधारात्मक कदम उठाने कहा गया।

त्योहारों को लेकर पुलिस अलर्ट

आगामी त्योहारी आयोजनों को देखते हुए थाना स्तर पर पहले से पुलिस व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए गए। बाजारों में दुकानों को निर्धारित सफेद पट्टी के पीछे लगाने, मुख्य मार्ग बाधित किए बिना गणेश पंडाल और अन्य सार्वजनिक आयोजन कराने तथा भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया। ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर बैठे मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय करने के निर्देश भी दिए गए।