दुर्ग में सनसनी: झूठी गवाही के लिए कथित अपहरण, गवाह को जान से मारने की धमकी

एसपी से लगाई सुरक्षा की गुहार, कहा: सच बोलने पर जान का खतरा; ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का भी दावा

दुर्ग में सनसनी: झूठी गवाही के लिए कथित अपहरण, गवाह को जान से मारने की धमकी
शिकायतकर्ता

दुर्ग। दुर्ग जिला न्यायालय में लंबित एक सिविल विवाद से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। करहीडीह निवासी जसवंत साहू (49) ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) दुर्ग को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उन्हें झूठी गवाही देने के लिए कथित रूप से अगवा किया गया, जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए और सच बोलने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग करते हुए आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की गुहार लगाई है।

जसवंत साहू के अनुसार, जिला न्यायालय में अशोक सिंह बनाम ईश्वर निषाद के बीच जमीन से जुड़े एक सिविल मामले की सुनवाई चल रही है। उनका कहना है कि वे इस मामले में वास्तविक तथ्यों की जानकारी रखते हैं और ईश्वर निषाद के पक्ष में सत्य गवाही देने वाले थे। इसी वजह से उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।

'जबरन गाड़ी में बैठाकर कोर्ट ले गए'

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 18 अगस्त 2025 की सुबह करीब 10 बजे अशोक सिंह अपने साथियों के साथ सफेद रंग की इनोवा कार (क्रमांक CG 07 CC 6540) में करहीडीह पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने जसवंत साहू को जबरन गाड़ी में बैठाया, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देते हुए जिला न्यायालय परिसर ले गए।

पीड़ित का कहना है कि कोर्ट परिसर में उन्हें डराकर और दबाव बनाकर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। उनका आरोप है कि यह पूरा घटनाक्रम उन्हें झूठी गवाही देने के लिए मजबूर करने की साजिश का हिस्सा था।

फोन पर दी गई जान से मारने की धमकी

शिकायत में आगे कहा गया है कि उसी दिन दोपहर करीब एक बजे अशोक सिंह के मोबाइल फोन से राजेश सिंह ने कॉल कर उन्हें दीपक नगर स्थित 'व्हाइट हाउस' आने के लिए कहा। आरोप है कि फोन पर साफ शब्दों में चेतावनी दी गई कि यदि उन्होंने ईश्वर निषाद के पक्ष में किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए या गवाही दी तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।

ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा

जसवंत साहू ने यह भी दावा किया है कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें धमकाया गया। उनके अनुसार, 18 अप्रैल 2025 को भी राजेश सिंह ने फोन पर धमकी दी थी। उस बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है, जिसे वे जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं।

'परिवार की सुरक्षा खतरे में'

शिकायत में जसवंत साहू ने कहा है कि आरोपी बाईपास क्षेत्र स्थित देवभूमि लेआउट्स के संचालक हैं और लगातार मिल रही धमकियों के कारण उनका पूरा परिवार भय के साए में जी रहा है। उन्होंने आशंका जताई है कि यदि भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना, हमला या संदिग्ध दुर्घटना होती है, तो उसके लिए अशोक सिंह, राजेश सिंह और उनके सहयोगी जिम्मेदार होंगे।

एसपी से तीन प्रमुख मांगें

पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक दुर्ग से मांग की है कि:

आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

उन्हें और उनके परिवार को तत्काल पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

मामले की निष्पक्ष जांच कर धमकी और कथित अपहरण की घटना की जांच कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।

फिलहाल इस मामले में यह शिकायत पीड़ित पक्ष के आरोपों पर आधारित है। पुलिस की ओर से शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई है या आरोपियों का पक्ष क्या है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।