धारदार हथियार से जानलेवा हमला, दो आरोपियों को 10-10 साल की सजा

बाजार चौक के पास विवाद के बाद युवक की पीठ और कमर पर किया था हमला, कोर्ट ने दोषी मानते हुए सुनाया फैसला

धारदार हथियार से जानलेवा हमला, दो आरोपियों को 10-10 साल की सजा

दुर्ग। ग्राम करंजा भिलाई के बाजार चौक के पास युवक पर धारदार वस्तु से जानलेवा हमला करने के मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश, दुर्ग ने आरोपी अमित दास मानिकपुरी (19) और मोहन धीमर उर्फ मोन्टू (24) को भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 सहपठित धारा 3(5) के तहत दोषी ठहराते हुए यह सजा दी।

विवाद के बाद धारदार हथियार से हमला

घटना 30 जून 2025 की रात करीब 11 बजे ग्राम करंजा भिलाई के बाजार चौक के पास हुई थी। पुलिस के मुताबिक आहत आशीष ठाकुर का आरोपियों से विवाद हुआ था। विवाद के दौरान दोनों आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और धारदार वस्तु से उसकी पीठ व कमर के महत्वपूर्ण हिस्सों पर हमला कर दिया। हमले में आशीष गंभीर रूप से घायल हुआ था।

पुलिस की विवेचना बनी अहम आधार

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलगांव पुलिस ने अपराध क्रमांक 247/2025 दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सकीय दस्तावेज और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य जुटाकर चालान न्यायालय में पेश किया। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी माना।

10 साल की सजा और जुर्माना

5 सितंबर 2026 को पारित फैसले में न्यायालय ने दोनों आरोपियों को धारा 109 सहपठित धारा 3(5) के तहत 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 1,000-1,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड नहीं देने पर दोनों को अतिरिक्त 6-6 माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा धारा 296 के तहत दोनों को 1-1 माह का साधारण कारावास और 500-500 रुपये अर्थदंड भी दिया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

विवेचना और पैरवी से मिली दोषसिद्धि

मामले की विवेचना निरीक्षक प्रकाशकांत ने की। न्यायालय में अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक भावेश कटारे ने पैरवी की। पुलिस द्वारा घटनास्थल निरीक्षण, गवाहों के बयान और चिकित्सकीय साक्ष्यों सहित उपलब्ध साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसके आधार पर दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध किया गया।