शिक्षकों की बायोमैट्रिक हाजिरी पर सख्ती, नियम विरुद्ध प्रतिनियुक्ति नहीं चलेगी
कलेक्टर अभिजीत सिंह का स्पष्ट निर्देश, आयुष्मान कार्ड से लेकर जर्जर भवनों तक विभागों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के आदेश

दुर्ग। जिले में शासकीय स्कूलों के शिक्षकों की शत-प्रतिशत बायोमैट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने और नियमों के विरुद्ध चल रही प्रतिनियुक्तियों पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति केवल शासन के नियमों के अनुरूप ही मान्य होगी और इसके लिए दोनों संबंधित विभागों की अनुमति अनिवार्य होगी।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि यदि स्कूल शिक्षा विभाग का कोई शिक्षक किसी अन्य विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत है, तो उसकी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह वैधानिक होनी चाहिए। संबंधित शिक्षक की मूल नियुक्ति वाले विभाग तथा जिस विभाग में वह प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत है, दोनों की विधिवत स्वीकृति आवश्यक होगी। इसके साथ ही जिस विभाग में प्रतिनियुक्ति की गई है, वहां स्वीकृत सेटअप के अनुरूप रिक्त पद उपलब्ध होना भी जरूरी होगा।
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिले में संचालित सभी प्रतिनियुक्ति प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा कर नियमों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की सौ प्रतिशत बायोमैट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई जा सके।
बैठक में सार्वजनिक मार्गों पर आवागमन में बाधा बनने वाले धार्मिक स्थलों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे धार्मिक स्थलों को नियमानुसार हटाने अथवा स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जानी है। इसके लिए जिला और अनुविभाग स्तर पर समितियों का गठन किया जा चुका है। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि समिति की बैठक आयोजित कर ऐसे स्थलों का चिन्हांकन करें और उनकी सूची, फोटोग्राफ तथा आवश्यक विवरण शीघ्र उपलब्ध कराएं, ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।

स्वास्थ्य और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड और व्यय वंदन योजना के तहत पात्र हितग्राहियों के शत-प्रतिशत पंजीयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित कर प्रत्येक पात्र व्यक्ति का कार्ड बनाया जाए, जिससे जरूरतमंदों को स्वास्थ्य योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
बैठक में मानसून के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने, जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने तथा नियमित रूप से फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
ऊर्जा विभाग से संबंधित समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने बताया कि एक अगस्त से प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू की जानी है। इससे पहले सभी विभाग अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि नई व्यवस्था लागू होने में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
बैठक में जर्जर और खतरनाक भवनों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने ऐसे भवनों को चिन्हित कर उन्हें शीघ्र ध्वस्त करने की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि की आशंका को रोका जा सके।
इसके अलावा निजी स्कूलों में बायोमैट्रिक अपडेट शिविर लगाने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने तथा किसानों के लिए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सीएम हेल्पलाइन, जनदर्शन और पीजीएन पोर्टल पर लंबित मामलों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को चेताया कि जनसमस्याओं के निराकरण में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में वनमंडलाधिकारी दीपेश कपिल, अपर कलेक्टर वीरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर योगिता देवांगन, भिलाई निगम आयुक्त सुरुचि सिंह, रिसाली निगम आयुक्त मोनिका वर्मा, दुर्ग नगर निगम उपायुक्त मोहेन्द्र साहू, अपर कलेक्टर सिल्ली थॉमस सहित जिले के सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।