पर्सनल आईडी से बेच रहा था रेलवे ई-टिकट, RPF का छापा, चॉइस सेंटर संचालक गिरफ्तार

उतई के ऑनलाइन चॉइस सेंटर से 9 आरक्षित ई-टिकट जब्त, 16,290 रुपए के टिकट बरामद, रेलवे अधिनियम के तहत केस दर्ज

पर्सनल आईडी से बेच रहा था रेलवे ई-टिकट, RPF का छापा, चॉइस सेंटर संचालक गिरफ्तार

दुर्ग जिले में रेलवे ई-टिकट की अवैध बिक्री पर रेलवे सुरक्षा बल यानी RPF ने बड़ी कार्रवाई की है। उतई के एक ऑनलाइन चॉइस सेंटर पर छापा मारकर संचालक को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान 9 आरक्षित रेलवे ई-टिकट जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत 16 हजार 290 रुपए 60 पैसे बताई गई है। इनमें दो लाइव टिकट भी शामिल थे, जिनकी कीमत 7 हजार 259 रुपए थी।

RPF के मुताबिक प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त बिलासपुर के निर्देश और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रायपुर के मार्गदर्शन में अवैध रेलवे टिकट कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पोस्ट प्रभारी एस.के. सिन्हा के नेतृत्व में उप निरीक्षक सनातन थनापति और आरक्षक एसआर मीणा की टीम ने 2 जुलाई को उतई के सद्भावना चौक स्थित एडविक ऑनलाइन एवं चॉइस सेंटर पर छापा मारा।

मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई जांच में दुकान संचालक भोज कुमार साहू रेलवे की पर्सनल यूजर आईडी "Bhojkumarsahu123" का इस्तेमाल कर दूसरों के लिए ई-टिकट बनाते हुए मिला। जांच में यह भी सामने आया कि इसी आईडी से कई आरक्षित टिकट तैयार कर व्यावसायिक रूप से बेचे जा रहे थे।

रेलवे के नियमों के अनुसार पर्सनल यूजर आईडी का उपयोग केवल स्वयं या परिवार के सदस्यों के लिए टिकट बुक करने के लिए किया जा सकता है। इस आईडी से दूसरों के लिए टिकट बनाकर पैसे लेना रेलवे अधिनियम के तहत अपराध है।

RPF ने मौके से सभी टिकट और संबंधित दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। आरोपी के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट दुर्ग में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।