27.80 करोड़ के फर्जी ITC घोटाले का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड सहित सिंडिकेट पर शिकंजा

27.80 करोड़ के फर्जी ITC घोटाले का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड सहित सिंडिकेट पर शिकंजा

रायपुर। वस्तु एवं सेवा कर खुफिया महानिदेशालय (DGGI) रायपुर ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि M/s Shristi Construction नामक फर्म के जरिए बिना किसी वास्तविक माल आपूर्ति के केवल कागजी बिल जारी कर करोड़ों रुपये का फर्जी आईटीसी लिया और आगे पास किया गया।

DGGI के अनुसार, इस पूरे मामले में करीब 27.80 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन का पता चला है। इसमें से 17.18 करोड़ रुपये का फर्जी आईटीसी स्वयं फर्म द्वारा लिया गया, जबकि 10.62 करोड़ रुपये अन्य फर्मों को ट्रांसफर किया गया। यह पूरा खेल बिना किसी वास्तविक व्यापारिक गतिविधि के केवल बिलिंग के आधार पर किया गया।

अधिकारियों ने इसे जीएसटी प्रणाली के नियमों का गंभीर उल्लंघन बताया है। इस मामले में मुख्य आरोपी चंदन गुप्ता को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पूछताछ में सामने आया कि इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड रोहन तन्ना है, जिसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। वर्ष 2021 में वह करीब 7 करोड़ रुपये के जीएसटी चोरी मामले में गिरफ्तार हो चुका था और फिलहाल जमानत पर बाहर था।

DGGI के मुताबिक, यह मामला केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) अधिनियम 2017 की धारा 16 का उल्लंघन है। चूंकि इसमें करोड़ों की राशि शामिल है, इसलिए इसे धारा 132 के तहत संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है।

फिलहाल जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों व फर्मों की पहचान की जा रही है। आशंका है कि इस सिंडिकेट में कई और फर्जी कंपनियां शामिल हो सकती हैं, जो इसी तरह टैक्स चोरी के खेल में सक्रिय रही हैं।