शहीदों को नमन: संकल्प की संध्या में कविता, नाट्य और गीतों से गूंजा नेहरू सांस्कृतिक सदन

भिलाई। शहीद दिवस के अवसर पर नेहरू सांस्कृतिक सदन, सेक्टर-1 स्थित इप्टा प्रांगण में सोमवार को एक भावनात्मक और प्रेरणादायक संकल्प की संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कला, साहित्य और संस्कृति के जरिए उनके बलिदान को याद किया गया।

कला-साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ (कवच) के तत्वावधान और इप्टा भिलाई के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में शब्द, स्वर और संकल्प का सुंदर संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत श्री मणिमय मुखर्जी के क्रांतिकारी अभिवादन से हुई, जिसने पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। इसके बाद कविता पाठ, गीत, पत्र-पाठ, बच्चों के नाट्य प्रदर्शन और विचार अभिव्यक्ति के माध्यम से शहीदों के साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम को जीवंत किया गया। मंच पर बाल, युवा और वरिष्ठ प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को भावुक कर दिया।

नव्या साहू, ओमी सोनपिपरे, जुनैद, आलिया, अनुष्का, पलक, मोनालिसा, शौर्य, जगन्नाथ, सुशांत, आदर्श, नंदिता, नीरज, चारु श्रीवास्तव, रोहित रेड्डी और नरेंद्र पाटनारे सहित कई प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। वहीं अर्चना शर्मा, डॉ. जयप्रकाश साव, लोकबाबू, शरद कोकास, मुमताज़ और परमेश्वर वैष्णव जैसे साहित्यकारों और कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से आयोजन को विशेष गरिमा दी। देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने पूरे सदन के वातावरण को भावनाओं, विचारों और प्रेरणा से भर दिया। इस दौरान कलाकार और साहित्यकार पुरानी यादों में भी खोते नजर आए और माहौल एक तरह से नॉस्टैल्जिक हो उठा।

वक्ताओं ने कहा कि शहीदों का बलिदान केवल इतिहास की बात नहीं, बल्कि आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह हमें जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यकार, कलाकार और प्रबुद्धजन मौजूद रहे। समापन अवसर पर कवच की ओर से श्रीमती सुमिता बासु पाटिल ने सभी का आभार व्यक्त किया और ऐसे आयोजनों को लगातार आगे बढ़ाने की बात कही। कार्यक्रम का सफल संचालन युवा रंगकर्मी और निर्देशक चारु श्रीवास्तव ने किया। यह संकल्प की संध्या न सिर्फ श्रद्धांजलि का मंच बनी, बल्कि समाज में राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक जागरूकता का मजबूत संदेश भी दे गई।
