कोर्ट का बड़ा फैसला, अफीम खेती मामले में समोदा सरपंच अरुण गौतम का निर्वाचन रद्द

कोर्ट का बड़ा फैसला, अफीम खेती मामले में समोदा सरपंच अरुण गौतम का निर्वाचन रद्द

दुर्ग। ग्राम पंचायत समोदा के सरपंच अरुण गौतम का निर्वाचन कोर्ट ने रद्द कर दिया है। चुनाव याचिका पर सुनवाई के बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी पंचायत दुर्ग ने उनका चुनाव शून्य घोषित करते हुए उन्हें पद से हटा दिया।

मंगलवार को जारी आदेश में कोर्ट ने पाया कि अरुण गौतम ने नामांकन के दौरान दिए गए शपथ-पत्र में अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई थी। इसे छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन नियम 1995 का उल्लंघन माना गया।

प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार ने लगाई थी याचिका
यह याचिका चुनाव में उनकी प्रतिद्वंद्वी रहीं भुनेश्वरी देशमुख (पत्नी सुखनंदन देशमुख) ने दायर की थी। याचिका में आरोप था कि गौतम ने आपराधिक प्रकरणों की सही जानकारी नहीं दी।

कोर्ट में पेश दस्तावेजों के मुताबिक, थाना पुलगांव के अपराध क्रमांक 547/2019, 381/2015 और आरसीसी/11256/2019 का जिक्र हुआ, जिनमें IPC की धाराएं 147, 148, 149, 307, 323, 294 और 506 शामिल हैं। इनमें हत्या के प्रयास की धारा 307 भी दर्ज है।

कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि यह नियम 31(क) का स्पष्ट उल्लंघन है। साथ ही रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा नामांकन के समय आपत्ति खारिज करने के फैसले को भी नियमों के विपरीत माना गया।

क्या दिए गए निर्देश

  • अरुण गौतम का सरपंच निर्वाचन शून्य घोषित
  • जनपद पंचायत दुर्ग के CEO को उप-चुनाव प्रक्रिया शुरू करने राज्य निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेजने के निर्देश
  • याचिकाकर्ता को 500 रुपये की प्रतिभूति राशि वापस करने का आदेश

चुनाव में क्या रहा था परिणाम
पंचायत चुनाव 2025 में अरुण गौतम को 869 वोट मिले थे, जबकि भुनेश्वरी देशमुख को 741 वोट प्राप्त हुए थे।

अब आगे क्या
फैसले के बाद समोदा में उप-चुनाव की हलचल तेज हो गई है। अरुण गौतम की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देने की संभावना जताई जा रही है।