जिला अस्पताल दुर्ग में रिश्तेदार को फोन करने के बहाने ठगी, खाते से उड़ाए 1.48 लाख


दुर्ग। शासकीय जिला अस्पताल में मरीज के परिजन से रिश्तेदार को फोन करने के बहाने मोबाइल लेना एक युवक को महंगा पड़ गया। आरोपी मोबाइल लेकर फरार हुआ और कुछ ही देर में उसका इस्तेमाल कर बैंक खाते से 1 लाख 48 हजार 301 रुपये निकाल लिए। शिकायत के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
ग्राम महमरा निवासी कुलेश्वर निषाद अपने पिता के उपचार के लिए जिला अस्पताल में मौजूद थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने रिश्तेदार से बात करने की बात कहकर उनसे मोबाइल मांगा। कुलेश्वर ने मदद के लिए अपना मोबाइल उसे दे दिया। आरोपी मोबाइल लेकर वहां से निकल गया। बाद में कुलेश्वर के बैंक खाते से बड़ी रकम की धोखाधड़ी होने की जानकारी सामने आई।
मामले की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और कमलजीत बांदे उर्फ कमल (29), निवासी ग्राम तमोरा, जिला बालोद को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी ने मोबाइल के जरिए बैंक खाते से रकम निकालना स्वीकार किया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर ठगी की रकम से खरीदा गया सोने का मंगलसूत्र, घड़ी, पॉवर बैंक, मोबाइल फोन और 20,200 रुपये नकद बरामद किए। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 55,700 रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अस्पताल में मरीज के परिजन का भरोसा जीतकर मोबाइल हासिल किया और उसके बाद बैंक खाते से रकम निकालकर उसका इस्तेमाल खरीदारी में किया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर अदालत में पेश किया गया है।
पुलिस की अपील: किसी अनजान व्यक्ति को फोन करने के बहाने भी अपना मोबाइल न दें। मोबाइल में बैंकिंग और वित्तीय जानकारी होने के कारण उसके दुरुपयोग से खाते से रकम निकाली जा सकती है।
