45 दिन की कठिन ट्रेनिंग पूरी कर नंदिता प्रकाश बनीं एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर, दुर्ग जिले का नाम किया रोशन

45 दिन की कठिन ट्रेनिंग पूरी कर नंदिता प्रकाश बनीं एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर, दुर्ग जिले का नाम किया रोशन

भिलाई। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वैशाली नगर की व्याख्याता नंदिता प्रकाश ने 45 दिनों की कठिन और चुनौतीपूर्ण ट्रेनिंग पूरी कर एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर (ANO) सेकंड ऑफिसर बनने की उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस सफलता से दुर्ग जिले और विद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है। नंदिता प्रकाश ने ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, ग्वालियर में 6 जुलाई 2026 से आयोजित PRCN JW 117 कोर्स में 45 दिनों का प्रशिक्षण पूरा किया। इस प्रशिक्षण में देशभर से करीब 200 महिला प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लिया था। छत्तीसगढ़ से चयनित तीन महिलाओं में नंदिता प्रकाश भी शामिल रहीं। प्रशिक्षण के दौरान नंदिता प्रकाश ने विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन से प्रभावित होकर ब्रिगेडियर संजय यादव ने उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह प्रशिक्षण केवल औपचारिक सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित नहीं था। प्रतिभागियों को शारीरिक क्षमता, सैन्य अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और मानसिक दृढ़ता के साथ विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया।

ड्रिल से लेकर हथियार प्रशिक्षण तक सीखा

45 दिनों के प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सुबह शारीरिक प्रशिक्षण और विभिन्न शारीरिक गतिविधियों से दिन की शुरुआत करनी होती थी। इसके बाद ड्रिल, सैन्य अनुशासन, हथियार प्रशिक्षण, मानचित्र अध्ययन और नेतृत्व क्षमता से जुड़ी कक्षाएं आयोजित की जाती थीं। इसके अलावा अकादमिक प्रशिक्षण, साहसिक एवं आउटडोर गतिविधियां, सामाजिक सेवा, सामुदायिक गतिविधियां, राष्ट्रीय एकता, राष्ट्र भावना, समय प्रबंधन और टीम भावना जैसे विषय भी प्रशिक्षण का हिस्सा रहे।

चार वर्षों से विद्यालय में कर रहीं एनसीसी का संचालन

नंदिता प्रकाश ने बताया कि विद्यालय की प्राचार्य संगीता सिंह बघेल के मार्गदर्शन में पिछले चार वर्षों से विद्यालय में एनसीसी का संचालन किया जा रहा है। इसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने ANO प्रशिक्षण के लिए हिस्सा लिया और अब सफलतापूर्वक एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर सेकंड ऑफिसर बनने का गौरव हासिल किया है। नंदिता प्रकाश ने प्रशिक्षण के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि 45 दिन सुनने में भले ही कम लगते हैं, लेकिन ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी ग्वालियर में बिताया गया यह समय व्यक्ति के सोचने, सीखने, नेतृत्व करने और स्वयं को देखने का नजरिया बदलने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में अनुशासन, नेतृत्व, शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता, सैन्य प्रशिक्षण, अकादमिक ज्ञान, टीम भावना और राष्ट्रीय सेवा की भावना को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।

कैडेट्स को सिर्फ कदमताल नहीं, जिम्मेदार नागरिक बनाएंगी

नंदिता प्रकाश के अनुसार प्रशिक्षण ने उन्हें यह समझाया कि एनसीसी अधिकारी केवल प्रशिक्षक नहीं होता, बल्कि वह मार्गदर्शक और नेतृत्वकर्ता भी होता है। उसकी जिम्मेदारी युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाने की होती है। उन्होंने कहा कि उनकी वास्तविक उपलब्धि केवल ANO बनना नहीं, बल्कि अपने भीतर आया बदलाव है। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने खुद को चुनौती देना, अनुशासन में रहना, कठिन परिस्थितियों में शांत रहना और जिम्मेदारी स्वीकार करना सीखा। अब वह अपने विद्यालय लौटकर कैडेट्स को केवल वर्दी पहनना और कदमताल करना ही नहीं सिखाना चाहतीं, बल्कि उन्हें अनुशासित, साहसी, आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाने का संकल्प लेकर काम करेंगी।