फर्जी सिम कार्ड से संगठित ठगी का पर्दाफाश, कमीशन पर बेचकर चल रहा था अवैध नेटवर्क

4 आरोपी गिरफ्तार, 3 मोबाइल जब्त, एक आरोपी फरार

फर्जी सिम कार्ड से संगठित ठगी का पर्दाफाश, कमीशन पर बेचकर चल रहा था अवैध नेटवर्क

भिलाई। जिले में फर्जी सिम कार्ड के जरिए चल रहे संगठित धोखाधड़ी के नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। थाना नेवई क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कमीशन के आधार पर सिम कार्ड बेचकर अवैध आर्थिक लेन-देन को अंजाम दे रहे थे।

मामले की शुरुआत 3 मई 2026 को हुई, जब रिसाली बस्ती निवासी आयुष ताम्रकार (19 वर्ष) ने थाना नेवई में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि उसके एक परिचित ने उसे विश्वास में लेकर उसके नाम से सिम कार्ड जारी कराया और बाद में उसे वापस नहीं किया। जांच के दौरान जो सामने आया, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। आरोपी टी. भार्गव राव ने आयुष को मोबाइल दुकान ले जाकर उसके नाम पर सिम निकलवाया और उसे अपने पास रख लिया। इसके बाद उसी सिम को क्रमवार अन्य लोगों को ज्यादा कीमत पर बेचा गया। इस तरह एक पूरी चेन तैयार कर सिम कार्ड का इस्तेमाल अवैध लेन-देन के लिए किया जा रहा था।

पुलिस ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में टी. भार्गव राव (20 वर्ष), ज्ञानेश मंडावी (19 वर्ष), हर्षित साहू (21 वर्ष) और दीपक प्रजापति (20 वर्ष) शामिल हैं। इनके कब्जे से घटना में उपयोग किए गए 3 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी सिम कार्ड को कमीशन के आधार पर आगे बेचते थे और हर बार कीमत बढ़ाते हुए नेटवर्क का विस्तार करते थे। इस पूरे खेल का मकसद अवैध आर्थिक लाभ कमाना था। इस मामले में एक अन्य आरोपी फैजान कुरैशी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

घटनास्थल :
रिसाली, सुपेला एवं आसपास क्षेत्र, थाना नेवई, जिला दुर्ग

▪️ आरोपी का नाम :

1. टी. भार्गव राव, उम्र 20 वर्ष, निवासी लक्ष्मीनगर, रिसाली भिलाई
2. ज्ञानेश मंडावी, उम्र 19 वर्ष, निवासी इंदिरानगर, उतई
3. हर्षित साहू, उम्र 21 वर्ष, निवासी रिसाली गांव, नेवई
4. दीपक प्रजापति, उम्र 20 वर्ष, निवासी खुर्सीपार, भिलाई