दुर्गा महायज्ञ का छठवां दिन: संत श्री माता जी ने बताया आरती का महत्व

दुर्गा महायज्ञ का छठवां दिन: संत श्री माता जी ने बताया आरती का महत्व

दुर्ग। तीर्थराज देवी निकुंभला मंदिर स्थित जय शक्ति आश्रम में आयोजित दुर्गा महायज्ञ के छठवें दिन मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे और मां दुर्गा की आराधना में शामिल हुए।

इस अवसर पर संत श्री माता जी ने श्रद्धालुओं को आरती के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि आरती केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि ईश्वर के प्रति समर्पण, कृतज्ञता और विश्वास की अभिव्यक्ति है। जब भक्त पूरे मन से आरती करते हैं, तो वह साधना का रूप ले लेती है।

कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना और हवन संपन्न कराया गया। पूरे आश्रम परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का वातावरण बना रहा, जहां श्रद्धालु भजन-कीर्तन और आरती में सहभागी बने।

महायज्ञ में शामिल होने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालुओं का लगातार आना जारी है, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई है। इस दौरान संत श्री माता जी ने वैश्विक हालात पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में चल रहे युद्ध मानवता के लिए खतरा हैं। उन्होंने सभी से शांति, भाईचारे और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। जय शक्ति आश्रम में जारी यह दुर्गा महायज्ञ न केवल आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश भी दे रहा है जहां भक्ति के साथ विश्व कल्याण की कामना की जा रही है।