गाडगे बाबा की 150वीं जयंती पर विधायक ललित चंद्राकर बोले - स्वच्छता और शिक्षा ही असली बदलाव की राह

गाडगे बाबा की 150वीं जयंती पर विधायक ललित चंद्राकर बोले - स्वच्छता और शिक्षा ही असली बदलाव की राह

दुर्ग। नेवई स्थित प्राचीन बैकुंठधाम मंदिर में राष्ट्र संत शिरोमणि गाडगे बाबा की 150वीं जयंती पर निर्मल दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। रजक धोबी निर्मलकर समाज रिसाली परिक्षेत्र द्वारा आयोजित इस समारोह में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

विधायक ने गाडगे बाबा को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके सामाजिक कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि गाडगे बाबा ने अपने जीवन से स्वच्छता, सेवा और जागरूकता का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। “स्वच्छता ही सच्ची पूजा” का उनका विचार समाज को दिशा देता है।

अपने संबोधन में विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2014 को शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान अब जनआंदोलन बन चुका है और ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण से माताओं-बहनों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जनधन योजना से गरीबों को सीधा लाभ मिल रहा है। अब सरकारी राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।

विधायक ने शिक्षा को विकास का मूलमंत्र बताते हुए कहा कि शिक्षा केवल नौकरी का साधन नहीं, बल्कि संस्कारित जीवन की नींव है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का आह्वान किया।

किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों ने धान बेचा है और कृषक उन्नति योजना के तहत 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में अंतरित की गई है। होली से पहले राशि पहुंचने से किसानों को त्योहार मनाने में सहूलियत मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि इस बार बारदाने की समस्या भी नहीं आई और भुगतान समय पर हुआ।

कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर मनोज निर्मलकर, विष्णु निर्मलकर, जीवन निर्मलकर, डॉ. धर्मेंद्र निर्मलकर, रूपा रजक, अनीता निर्मलकर, मोहन निर्मलकर, प्रेम शंकर निर्मलकर, राजेंद्र रजक, डॉ. प्रेमलाल निर्मलकर, उपेंद्र रिगरी, भगवान बुंदेला, शैलेन्द्र सेंडे, राजू जंघेल सहित समाज के अनेक नागरिक उपस्थित रहे।