कृष्णा नगर में निगम का छापा: बिना अनुज्ञप्ति, सड़क बाधा और सिंगल यूज प्लास्टिक पर कार्रवाई
श्रीराम ट्रेडर्स समेत चार प्रतिष्ठानों पर चला निगम का डंडा, अलग-अलग मामलों में 6500 रुपए का जुर्माना वसूला

भिलाईनगर। शहर में स्वच्छता और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर नगर पालिक निगम भिलाई ने कार्रवाई तेज कर दी है। आयुक्त सुरुचि सिंह एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर निगम की टीम ने जोन क्रमांक-01 के वार्ड क्रमांक-08 स्थित कृष्णा नगर क्षेत्र में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए कुल 6500 रुपए का जुर्माना वसूल किया गया।
निरीक्षण के दौरान निगम की टीम को कुछ प्रतिष्ठानों में अनुज्ञप्ति लाइसेंस का अभाव, सड़क पर सामान रखकर आवागमन में बाधा उत्पन्न करना तथा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करते हुए पाया गया। निगम ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही कार्रवाई की।
किस पर कितना जुर्माना?
कार्रवाई के दौरान श्री राम ट्रेडर्स पर अनुज्ञप्ति लाइसेंस नहीं होने के कारण 1000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं धीरज ट्रेडर्स कबाड़ी पर अनुज्ञप्ति लाइसेंस के लिए 4000 रुपए तथा सड़क पर बाधा उत्पन्न करने के मामले में 1000 रुपए की चालानी कार्रवाई की गई। इसी तरह श्री वेंकटेश्वर राव के प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक पाए जाने पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। इस प्रकार निगम की टीम ने कार्रवाई के दौरान कुल 6500 रुपए की चालानी राशि वसूल की।
नियम तोड़ा तो होगी कार्रवाई
निगम अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों को स्पष्ट समझाइश दी कि व्यवसाय संचालन के लिए आवश्यक अनुज्ञप्ति लेना अनिवार्य है। साथ ही सड़क अथवा सार्वजनिक स्थान पर ऐसा कोई सामान नहीं रखा जाए, जिससे लोगों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो। प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की भी हिदायत दी गई। निगम अधिकारियों ने कहा कि शहर में स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए निरीक्षण और चालानी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
निगम की सख्ती से कारोबारियों में हलचल
कृष्णा नगर क्षेत्र में एक साथ कई मामलों में कार्रवाई होने से स्थानीय व्यापारियों में भी हलचल देखी गई। निगम की कार्रवाई से साफ है कि बिना लाइसेंस कारोबार, सड़क पर अतिक्रमण अथवा बाधा और प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल को लेकर निगम अब लगातार निगरानी कर रहा है।
