भिलाई बचाओ आंदोलन का दूसरा चरण: 1000 कदम की मौन पदयात्रा, बीएसपी प्रबंधन को 30 दिन का अल्टीमेटम

भिलाई बचाओ आंदोलन का दूसरा चरण: 1000 कदम की मौन पदयात्रा, बीएसपी प्रबंधन को 30 दिन का अल्टीमेटम

भिलाई। भिलाई बचाओ आंदोलन ने अब दूसरा चरण पकड़ लिया है और इसका असर साफ तौर पर सड़कों पर दिखने लगा है। टाउनशिप के सैकड़ों परिवार अपने हक की आवाज लेकर एकजुट हुए और बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में सिविक सेंटर पार्किंग से सेक्टर-5 स्थित 25 मिलियन चौक तक करीब 1000 कदम की मौन पदयात्रा निकाली गई। यह पदयात्रा शांतिपूर्ण रही, लेकिन इसमें शामिल लोगों का संदेश बेहद स्पष्ट था कि वे अपने अधिकारों से समझौता नहीं करेंगे।

आंदोलनकारियों ने बताया कि 24 दिसंबर 2025 को बीएसपी प्रबंधन के अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में कई जनहित से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे। इन मांगों को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया है।

विधायक देवेन्द्र यादव ने इस दौरान बीएसपी प्रबंधन को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि 30 दिनों के भीतर जनहित में ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज होगा और इस्पात भवन का घेराव भी किया जाएगा।

इस पदयात्रा में सिर्फ आम नागरिक ही नहीं, बल्कि बीएसपी के सेवानिवृत्त कर्मचारी, लीजधारी, व्यापारी और रिटेंशनधारी परिवार भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने एकजुटता दिखाते हुए लगभग एक किलोमीटर तक कदमताल किया।

आंदोलन में महापौर नीरज पाल, पूर्व विधायक अरुण वोरा, पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। विभिन्न श्रमिक संगठनों जैसे सीटू, एटक, एक्टू और एचएमएस के प्रतिनिधियों ने भी समर्थन दिया।

अब सभी की नजर बीएसपी प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी है। अगर तय समय सीमा में कोई ठोस फैसला नहीं होता, तो भिलाई में आंदोलन और उग्र होने की संभावना साफ नजर आ रही है।