जहां जन्म लिया, उसी सेक्टर-9 अस्पताल की कमान संभाली डॉ. उदय, बने बीएसपी के मेडिकल हेड

भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग को नया नेतृत्व मिल गया है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. उदय कुमार ने शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सा प्रमुख (मेडिकल हेड) का कार्यभार संभाल लिया। उनके लिए यह जिम्मेदारी इसलिए भी खास है क्योंकि जिस सेक्टर-9 अस्पताल में उनका जन्म हुआ था, अब उसी अस्पताल की कमान उनके हाथों में है।
कार्यभार संभालने से पहले डॉ. उदय ने इस्पात भवन में निदेशक प्रभारी चित्तरंजन महापात्र, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के प्रभारी एमएम चक्रवर्ती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र, सेक्टर-9 पहुंचकर औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। देर शाम तक उन्हें शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा रहा।
डॉ. उदय का परिवार लंबे समय से भिलाई से जुड़ा रहा है। उनके पिता भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत थे। प्रारंभिक शिक्षा से लेकर 11वीं तक की पढ़ाई उन्होंने बीएसपी के सेक्टर-6 स्थित स्कूलों में की। इसके बाद कल्याण कॉलेज से बीएससी प्रथम वर्ष की पढ़ाई पूरी कर पीएमटी के माध्यम से रायपुर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया, जहां से उन्होंने एमबीबीएस और एमएस की डिग्री हासिल की।
वर्ष 1994 में उन्होंने सेक्टर-9 अस्पताल के बर्न विभाग में मेडिकल ऑफिसर के रूप में सेवाएं शुरू कीं। वर्ष 2013 में बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष बनने के बाद उनके नेतृत्व में विभाग ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। उनकी पहल पर भिलाई में मध्य भारत का पहला और सेल का पहला स्किन बैंक स्थापित हुआ, जिससे अब तक सैकड़ों गंभीर रूप से झुलसे मरीजों का सफल उपचार संभव हो सका।
चिकित्सा सेवा के साथ डॉ. उदय ने अभिनय के क्षेत्र में भी पहचान बनाई। उन्होंने बॉलीवुड फिल्म 'रमाई' में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की भूमिका निभाई, जिसे काफी सराहना मिली।
अपनी सहजता, विनम्र व्यवहार और मरीजों के प्रति समर्पण के कारण डॉ. उदय आम लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। पिछले 32 वर्षों से वे ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाकर जरूरतमंदों की सेवा कर रहे हैं। इसके अलावा झिरिया पारा और रूआबांधा बस्ती को गोद लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में विकास का मॉडल तैयार किया, जिसकी पूरे छत्तीसगढ़ में सराहना की जाती है।
