पंडाल और झांकियों पर सख्ती: इस बार नहीं चलेगी पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली, 10 बजे बाद DJ पर रोक

पंडाल और झांकियों पर सख्ती: इस बार नहीं चलेगी पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली, 10 बजे बाद DJ पर रोक

दुर्ग। आगामी त्यौहारों और सार्वजनिक आयोजनों को लेकर दुर्ग जिला प्रशासन ने पंडाल, अस्थाई संरचना और विसर्जन व्यवस्था के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में नगरीय निकायों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल भी मौजूद रहे।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रमुख मार्गों पर पहले से लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन अनिवार्य होगा। बीएसपी की जमीन पर आयोजन के लिए पहले बीएसपी प्रबंधन की लिखित अनुमति लेनी होगी। वहीं, किसी भी आयोजन की अनुमति से पहले पुलिस विभाग का अभिमत भी अनिवार्य किया गया है।

वैकल्पिक रास्ता नहीं तो आयोजन की अनुमति नहीं

यदि पंडाल या आयोजन से सड़क बाधित होती है तो पुलिस की सहमति से वैकल्पिक मार्ग तय करना होगा। इसकी जानकारी ट्रैफिक पुलिस, तहसीलदार और एसडीएम को देनी होगी और अनुमति आदेश में भी इसका उल्लेख किया जाएगा। वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होने पर आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

50 प्रतिशत जगह पार्किंग के लिए जरूरी

आयोजन स्थल के कुल क्षेत्रफल का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा पार्किंग के लिए आरक्षित रखना होगा। पार्किंग आयोजन स्थल से अधिकतम 50 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए। पार्किंग के नाम पर अवैध शुल्क वसूलने पर भी रोक रहेगी।

CCTV कैमरे अनिवार्य

5000 वर्ग फीट तक के आयोजन में कम से कम 8 CCTV कैमरे लगाने होंगे। बड़े आयोजनों में क्षेत्रफल के अनुपात में कैमरों की संख्या बढ़ानी होगी। कैमरों में कम से कम 3 दिन की रिकॉर्डिंग बैकअप व्यवस्था होनी चाहिए। प्रवेश, निकास, पार्किंग, मूर्ति स्थल और मनोरंजन क्षेत्र कैमरों की निगरानी में रहेंगे।

DJ और लाउडस्पीकर पर सख्ती

ध्वनि प्रदूषण को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट नियम तय किए हैं। रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर और साउंड बॉक्स का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। व्हीकल माउंटेड DJ, एम्पलीफायर और बेस का उपयोग भी प्रतिबंधित किया गया है। नियम तोड़ने पर उपकरण जब्त कर राजसात किए जा सकते हैं।

अश्लील, आपत्तिजनक या धार्मिक उन्माद फैलाने वाले गाने और भाषणों पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। उल्लंघन पर पुलिस कार्रवाई करेगी।

पंडाल में फायर सेफ्टी और इंजीनियरिंग जांच जरूरी

पंडाल स्थिर और अग्निरोधी सामग्री से बनाए जाएंगे। बिजली के तारों के नीचे पंडाल निर्माण नहीं किया जा सकेगा। नगर सेना और अग्निशमन सेवाओं से फायर ऑडिट कराकर प्रमाण पत्र लेना होगा। पंडाल में अग्निशामक यंत्र, रेत और पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखना अनिवार्य होगा।

नगरीय निकाय के इंजीनियर संरचनात्मक मजबूती और विद्युत सुरक्षा की जांच करेंगे। प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही आयोजन की अनुमति दी जाएगी।

मिट्टी की मूर्ति ही स्थापित होगी

पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल मिट्टी से बनी प्राकृतिक रंगों वाली मूर्तियों की स्थापना की अनुमति होगी। POP, प्लास्टिक, थर्माकोल और केमिकल डाई के इस्तेमाल पर रोक रहेगी।

चंदा स्वैच्छिक, जबरन वसूली पर कार्रवाई

पूजा के लिए चंदा पूरी तरह स्वैच्छिक होगा। प्रत्येक चंदे की रसीद देना अनिवार्य किया गया है। जबरन चंदा वसूली की शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विसर्जन के लिए तय किए गए मार्ग

झांकियों के विसर्जन के लिए निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करना होगा। भिलाई क्षेत्र में पावर हाउस-मुर्गा चौक-सेक्टर 9-तालपुरी चौक-ठगड़ा बांध मार्ग तथा दुर्ग में गंजपारा-मिनीमाता चौक-पुलगांव होते हुए शिवनाथ नदी तक का मार्ग निर्धारित किया गया है। अन्य मार्ग से विसर्जन झांकियों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

एक विसर्जन झांकी में अधिकतम 3 वाहन शामिल हो सकेंगे, जिनमें मूर्ति वाहन, झांकी वाहन और जनरेटर वाहन शामिल हैं। वाहन सहित झांकी की अधिकतम ऊंचाई 15 फीट निर्धारित की गई है।

हथियार और पटाखों पर पूरी तरह रोक

विसर्जन यात्रा में तलवार, भाला, डंडा, नकली हथियार या किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र रखने पर रोक रहेगी। पटाखे और आतिशबाजी भी प्रतिबंधित होगी। उल्लंघन पर आयुध अधिनियम के तहत कार्रवाई और जब्ती की जाएगी।

प्रत्येक झांकी के साथ 8 वालंटियर्स रहेंगे और यात्रा के दौरान केवल धार्मिक भजनों की अनुमति होगी। विसर्जन स्थल पर निकाय, बीएसपी और नगर सेना की ओर से प्रकाश, क्रेन तथा गोताखोर/बचाव दल की व्यवस्था की जाएगी।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित शर्तों का उल्लंघन होने पर नगर निगम आयुक्त अथवा मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा आयोजन की अनुमति निरस्त की जा सकती है।