दुर्ग में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, बिना स्पष्ट दस्तावेजों के उर्वरक और कीटनाशकों की बिक्री पर रोक

अथर्वा एग्रो कैमिकल प्राइवेट लिमिटेड पर औचक निरीक्षण के बाद कार्रवाई, लाखों लीटर कीटनाशक और टनों उर्वरक के विक्रय पर प्रतिबंध, नियम तोड़ने वालों पर लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी

दुर्ग में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, बिना स्पष्ट दस्तावेजों के उर्वरक और कीटनाशकों की बिक्री पर रोक

दुर्ग जिले में खरीफ सीजन के बीच कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक निजी एग्रो केमिकल कंपनी पर शिकंजा कस दिया है। निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद हजारों लीटर कीटनाशकों और बड़ी मात्रा में उर्वरकों की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई है। विभाग ने साफ कहा है कि किसानों के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी या नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खरीफ सीजन 2026 में किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद और कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य और जिला स्तरीय संयुक्त निरीक्षण दल ने दुर्ग विकासखंड के रवेलीडीह स्थित मेसर्स अथर्वा एग्रो कैमिकल प्राइवेट लिमिटेड का औचक निरीक्षण किया।

जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कंपनी ने कई उत्पादों का टेक्निकल ग्रेड खरीदने के बजाय विभिन्न कंपनियों से तैयार फार्मूलेटेड कीटनाशक भारी मात्रा में खरीदकर अपनी पैकेजिंग में पैक कर बिक्री की। जब निरीक्षण दल ने इसके दस्तावेज मांगे तो कंपनी स्पष्ट रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सकी।

इसी के चलते कीटनाशी अधिनियम 1968 के तहत ग्लूफोसिनेट अमोनियम, इमाजेथापायर, कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड, पेंडिमेथालिन और ग्लाइफोसेट सहित हजारों लीटर कीटनाशकों के विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया।

इतना ही नहीं, उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत भी कंपनी से वाटर सॉल्युबल उर्वरकों की खरीद संबंधी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे भी उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके बाद एनपीके 16:08:24 और एनपीके 19:19:19 उर्वरकों की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई।

कृषि विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसानों को खाद और बीज की कृत्रिम कमी पैदा करने, कालाबाजारी करने या बिना वैध दस्तावेजों के उर्वरक एवं कीटनाशक बेचने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने यह भी कहा कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं और निर्माताओं का लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जा सकता है। साथ ही किसानों से निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी।

कृषि विभाग ने सभी उर्वरक विक्रेताओं और सहकारी समितियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को तय कीमत पर ही खाद उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी किसान को उर्वरक वितरण में गड़बड़ी या अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायत हो तो वह तत्काल नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय में इसकी जानकारी दे सकता है।