स्कूल पर मिसाइल हमले से 165 बच्चियों की मौत, एक साथ उठे सभी का जनाजा

स्कूल पर मिसाइल हमले से 165 बच्चियों की मौत, एक साथ उठे सभी का जनाजा

तेहरान/मिनाब। ईरान और इज़राइल के बीच जारी युद्ध ने एक ऐसा मंजर पैदा किया है जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में स्थित ‘शजरे तैयबा’ गर्ल्स स्कूल पर हुए मिसाइल हमले के बाद 165 छात्राओं की मौत की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया है।

शनिवार को जब इन बच्चियों का एक साथ जनाजा निकाला गया, तो मिनाब की सड़कों पर सिर्फ सन्नाटा और सिसकियां थीं। सफेद कफन में लिपटी कतारें… और हर तरफ रोते परिजन। यह दृश्य सिर्फ एक शहर का नहीं, बल्कि पूरे इलाके के दर्द का प्रतीक बन गया।

बताया जा रहा है कि 28 फरवरी की सुबह स्कूल में नियमित कक्षाएं चल रही थीं। उसी दौरान हुए हमले ने इमारत को मलबे में बदल दिया। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि हमला इज़राइली और अमेरिकी वायुसेना की ओर से किया गया। हमले के वक्त स्कूल में करीब 170 छात्राएं मौजूद थीं, जिनकी उम्र 7 से 12 वर्ष के बीच बताई गई है।

इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी तेज है। UNESCO ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता Malala Yousafzai ने इसे अक्षम्य अपराध करार दिया है। वहीं United Nations ने स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

इज़राइल ने हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है और जांच की बात कही है।

ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार, हालिया हमलों में अब तक 780 से अधिक नागरिकों की जान जा चुकी है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने Tel Aviv और Riyadh को निशाना बनाकर मिसाइलें दागने का दावा किया है।

उधर भारत सरकार ने भी हालात को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। साथ ही जेद्दाह और मस्कट के लिए विशेष राहत उड़ानों की शुरुआत की गई है ताकि जरूरतमंदों को निकाला जा सके।