नेपाल में भोटेकोशी की बाढ़ का कहर, 538 शव बरामद; 2,381 लोग अब भी लापता

हिमालयी आपदा से नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में भारी तबाही, नदियों में फिर बढ़ा मलबे और पानी का बहाव; सेना-पुलिस का रेस्क्यू जारी

नेपाल में भोटेकोशी की बाढ़ का कहर, 538 शव बरामद; 2,381 लोग अब भी लापता

काठमांडू। नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी भोटेकोशी फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। बाढ़ और मलबे की चपेट में आने से घर, सड़कें, पुल, जलविद्युत परियोजनाएं और अन्य महत्वपूर्ण ढांचे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। नेपाल के विदेश मंत्रालय के 28 अगस्त के अपडेट के अनुसार अब तक नदी क्षेत्रों से 538 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक अब भी लापता हैं। 

नेपाल पुलिस के अनुसार 2,381 लोग लापता हैं। इनमें 644 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। लापता विदेशी नागरिकों में 178 भारतीय बताए गए हैं। अब तक 1,545 लोगों को प्रभावित इलाकों से सुरक्षित निकाला जा चुका है। 

भोटेकोशी-त्रिशूली नदी तंत्र में तबाही

26 अगस्त की सुबह भोटेकोशी नदी क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ ने नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में भारी नुकसान किया। तेज बहाव के साथ पानी, मलबा और चट्टानें नीचे की ओर आईं, जिससे कई बस्तियां और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे प्रभावित हुए।

बाढ़ के बाद राहत एवं बचाव दल नदी किनारे और निचले इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को रेस्क्यू अभियान में लगाया गया है। हेलीकॉप्टरों की मदद से दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को निकालने का काम भी किया जा रहा है। 

फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा

ताजा हालात ने राहत और बचाव टीमों की चिंता बढ़ा दी है। नेपाल के आपदा प्राधिकरण ने शुक्रवार को भोटेकोशी नदी के उसी क्षेत्र में पानी, मलबे और कीचड़ के बहाव में फिर बढ़ोतरी की सूचना दी, जहां 26 अगस्त को विनाशकारी बाढ़ आई थी।

प्राधिकरण ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के किनारे राहत एवं बचाव कार्य में लगे लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने और खतरे के संकेत मिलने पर तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी है। 

हिमनद टूटने से आई तबाही

शुरुआती रिपोर्टों में भूकंपीय गतिविधि और बांध टूटने जैसी आशंकाएं सामने आई थीं, लेकिन उपलब्ध वैज्ञानिक आकलनों और ताजा रिपोर्टों के अनुसार इस आपदा का मुख्य कारण हिमनद के ढहने से पैदा हुआ मलबा और पानी का अचानक नदी तंत्र में पहुंचना बताया जा रहा है। इसने हिमालयी नदी घाटियों में अचानक बाढ़ का रूप ले लिया।

सैकड़ों विदेशी नागरिक भी लापता

आपदा की चपेट में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक और तीर्थयात्री भी आए हैं। नेपाल पुलिस के आंकड़ों में 644 विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी है। इनमें भारतीयों की संख्या 178 बताई गई है। 

नेपाल पर्यटन बोर्ड ने भी प्रभावित जिलों में मौजूद पर्यटकों और यात्रियों की जानकारी जुटाने और उनका सत्यापन करने का अभियान शुरू किया है।