दुर्ग में सड़क हादसों में मौतों में आई बड़ी कमी, सात माह में 162 लोगों की जान गई

दुर्ग में सड़क हादसों में मौतों में आई बड़ी कमी, सात माह में 162 लोगों की जान गई

दुर्ग। सड़क सुरक्षा को लेकर दुर्ग यातायात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे लगातार अभियान और सख्त प्रवर्तन के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में पिछले दो वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पुलिस का दावा है कि जनजागरूकता, नियमों के प्रभावी पालन और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी से यह सुधार संभव हुआ है।

यातायात पुलिस के अनुसार जनवरी से जुलाई 2026 के बीच जिले में 860 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं। इनमें 685 लोग घायल हुए, जबकि 162 लोगों की मृत्यु हुई। तुलना करें तो इसी अवधि में वर्ष 2025 में 225 और वर्ष 2024 में 213 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में जान गई थी। इस तरह वर्ष 2026 में पिछले वर्ष की तुलना में 63 तथा वर्ष 2024 की तुलना में 51 कम मौतें दर्ज की गई हैं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सड़क सुरक्षा को लेकर पूरे जिले में हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्यता, नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई, ओवर स्पीड, तीन सवारी, नो-पार्किंग और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगातार अभियान चलाए गए। इसके साथ ही स्कूलों, कॉलेजों, औद्योगिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यातायात पुलिस ने ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां विशेष निगरानी बढ़ाई, संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और दुर्घटना होने पर त्वरित राहत एवं बचाव व्यवस्था को भी मजबूत किया। पुलिस का मानना है कि इन उपायों से दुर्घटनाओं के बाद समय पर सहायता मिलने से जनहानि कम करने में मदद मिली है। दुर्ग पुलिस का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी सोच के साथ वैज्ञानिक, संवेदनशील और प्रभावी यातायात प्रबंधन के जरिए सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

थानावार विश्लेषण :

वर्ष 2026 (01 जनवरी से 31 जुलाई) के थाना-वार सड़क दुर्घटना आंकड़ों के अनुसार सुपेला थाना क्षेत्र में सर्वाधिक 139 दुर्घटनाएं, 102 घायल एवं 10 मृतक, भिलाई नगर में 82 दुर्घटनाएं, 62 घायल एवं 26 मृतक, मोहन नगर में 70 दुर्घटनाएं, 51 घायल एवं 2 मृतक, वैशाली नगर में 69 दुर्घटनाएं, 51 घायल एवं 5 मृतक, जुनवानी में 57 दुर्घटनाएं, 29 घायल एवं 17 मृतक, जामुल में 47 दुर्घटनाएं, 39 घायल एवं 5 मृतक, छावनी में 42 दुर्घटनाएं, 30 घायल एवं 6 मृतक, दुर्ग कोतवाली में 36 दुर्घटनाएं, 33 घायल एवं 3 मृतक, उतई में 35 दुर्घटनाएं, 32 घायल एवं 8 मृतक, नंदिनी में 37 दुर्घटनाएं, 34 घायल एवं 15 मृतक, भिलाई-3 में 25 दुर्घटनाएं, 23 घायल एवं 8 मृतक, पुलगांव में 27 दुर्घटनाएं, 9 घायल एवं 14 मृतक, नेवई में 24 दुर्घटनाएं, 29 घायल एवं 3 मृतक, कुम्हारी में 27 दुर्घटनाएं, 17 घायल एवं 3 मृतक, पाटन में 29 दुर्घटनाएं, 20 घायल एवं 4 मृतक, अंडा में 12 दुर्घटनाएं, 7 घायल एवं 6 मृतक, अमोरा में 11 दुर्घटनाएं, 8 घायल एवं 5 मृतक, पुरानी भिलाई में 20 दुर्घटनाएं, 17 घायल एवं 3 मृतक, खुर्सीपार में 20 दुर्घटनाएं, 17 घायल एवं 3 मृतक, बोरसी में 15 दुर्घटनाएं, 32 घायल एवं 4 मृतक, स्मृति नगर में 15 दुर्घटनाएं, 17 घायल एवं 2 मृतक, जेवरा-सिरसा में 14 दुर्घटनाएं, 13 घायल एवं 1 मृतक, अंजोरा में 10 दुर्घटनाएं, 8 घायल एवं 6 मृतक तथा रानीतराई में 5 दुर्घटनाएं, 6 घायल एवं 2 मृतक दर्ज की गईं।

इन थाना क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों एवं यातायात के दबाव के अनुसार संबंधित थाना पुलिस एवं यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से विशेष चेकिंग, दुर्घटना संभावित (ब्लैक स्पॉट) स्थलों की निगरानी, ओवरस्पीड, नशे में वाहन चलाने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट संबंधी प्रवर्तन कार्रवाई तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान निरंतर संचालित किए गए। इन समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2026 में जिले में सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या घटकर 162 रही, जबकि वर्ष 2025 में यह 225 तथा वर्ष 2024 में 213 थी। यह परिणाम सड़क सुरक्षा के प्रति दुर्ग पुलिस की सतत, वैज्ञानिक एवं जन-केंद्रित कार्यशैली को दर्शाता है।

जनहित संदेश :

दुर्ग पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें, नशे की अवस्था में वाहन न चलाएं, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन न चलाएं तथा सभी यातायात नियमों का पालन करें। आपकी सतर्कता एवं जिम्मेदारी ही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और अमूल्य जीवन बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।