मोबाइल टावर बैटरी चोरी का बड़ा खुलासा: अंतर्राज्यीय गिरोह पकड़ा, टेलीकॉम कर्मचारी भी शामिल

मोबाइल टावर बैटरी चोरी का बड़ा खुलासा: अंतर्राज्यीय गिरोह पकड़ा, टेलीकॉम कर्मचारी भी शामिल

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में पुलिस ने मोबाइल टावरों से बैटरी चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में मुख्य सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो निजी टेलीकॉम कंपनी के कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस ने करीब 11.21 लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद किया है।

यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक V. Y. P. सिंह के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने की। टीम ने मानपुर, खड़गांव, औंधी और कोहका थाना क्षेत्रों में लगातार हो रही बैटरी चोरी की घटनाओं की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान साइबर सेल और पुलिस टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक संदिग्ध पिकअप वाहन (CG24 W 9361) नजर आया। वाहन की जानकारी और मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस आरोपी चालक माखन तुमरेटी तक पहुंची, जिससे पूरे गिरोह का खुलासा हुआ। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह सुनियोजित तरीके से टावर बैटरियों की चोरी कर उन्हें अलग-अलग स्थानों पर बेचता था। सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि Jio कंपनी के कर्मचारी हेमंत सिन्हा और भूपेंद्र रंगारी ही टावर साइटों की लोकेशन और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी गिरोह को देते थे। इसी इनपुट के आधार पर देवराज बघेल और माखन तुमरेटी चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।

चोरी के बाद बैटरियों को भानुप्रतापपुर (कांकेर) में कबाड़ी वीरेंद्र नेताम को बेचा जाता था। पुलिस ने देवराज बघेल की निशानदेही पर कहडाबरी के जंगल से 93 टावर बैटरियां बरामद कीं, जिनकी कीमत करीब 3.20 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा 4 लाख रुपये की स्विफ्ट डिजायर कार, 3.30 लाख रुपये का पिकअप वाहन, 30 हजार रुपये नकद और पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में हेमंत कुमार सिन्हा (22), भूपेंद्र रंगारी (23), माखन तुमरेटी (45), देवराज बघेल (30) और वीरेंद्र नेताम (32) शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से टेलीकॉम टावरों को निशाना बना रहा था। सभी आरोपियों को अंबागढ़ चौकी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।