दुर्ग जिले में चार गौ-धाम योजना की शुरुआत, पशु संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

दुर्ग जिले में चार गौ-धाम योजना की शुरुआत, पशु संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

दुर्ग। छत्तीसगढ़ में पशुधन संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से गौ-धाम योजना की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने बिलासपुर स्थित Guru Ghasidas Vishwavidyalaya से इस योजना का राज्यस्तरीय शुभारंभ किया और सभी जिलों से वर्चुअल रूप से जुड़े।

दुर्ग जिले में इस अवसर पर ग्राम उपरपोटी स्थित गौ-धाम में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने गायों को तिलक लगाकर, माला पहनाकर और लड्डू-गुड़ खिलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। समारोह के दौरान बिलासपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा गया।

जिले में फिलहाल चार गौ-धाम पंजीकृत किए गए हैं। इनमें उपरपोटी, बासीन, चंदखुरी और नारधा शामिल हैं।

कार्यक्रम में विधायक Lalit Chandrakar ने कहा कि राज्य सरकार की यह योजना पशुधन संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी। उनके मुताबिक गौ-धाम योजना के जरिए जैविक खेती, चारा विकास और गौ-आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

योजना के तहत निराश्रित और घुमंतु गौवंशीय पशुओं की देखभाल की जाएगी। साथ ही चरवाहों और गौ-सेवकों को नियमित आय का स्थायी स्रोत उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है।

कलेक्टर Abhijeet Singh ने कहा कि सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों के कारण दुर्घटनाएं और किसानों की फसलों को नुकसान जैसी समस्याएं सामने आती थीं। इन चुनौतियों को देखते हुए गौ-धाम योजना शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी गौ-धाम स्थानीय समूहों के माध्यम से संचालित होंगे और उन्हें अनुदान राशि भी दी जाएगी।

इन गौ-धामों को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। यहां ग्रामीणों को गोबर और गौमूत्र से केंचुआ खाद, कीट नियंत्रक, गौ-काष्ठ, गोनोइल, दीया और अगरबत्ती जैसे उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ बजरंग दुबे, संयुक्त कलेक्टर हरवंश मिरी, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।