दुर्ग में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन: 12.35 लाख मतदाता पंजीकृत, 31 हजार से अधिक की वृद्धि

दुर्ग। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर दुर्ग जिले में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण संपन्न हुआ। शनिवार 21 फरवरी 2026 को निर्वाचक नामावलियां का प्रकाशन किया गया। आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक में सभी दलों को निर्वाचक नामावलियां प्रकाशन की प्रतियां सौंपी गई।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अभिजीत सिंह ने एसआईआर के विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराते हुए कहा कि चार महीने तक चले निर्वाचक नामावतियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित की गई, जिसमें कुल 12,35,230 मतदाता पंजीकृत है। मतदाता सूची के प्रारुप (ड्राफ्ट) प्रकाशन के बाद 31,786 मतदाताओं की वृद्धि हुई (शुद्धवृद्धि)। 1520 बीएलओ ने घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित किए और 14,52,509 मतदाताओं के मिलान और मैपिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के दौरान नागरिकों से प्राप्त नवीनतम फोटोग्राफ भी अंतिम मतदाता सूची में प्रकाशित की गई है।
कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रायपुर के निर्देशनुसार जिला दुर्ग से निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान शुरु किया गया। राज्य भर में 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुए और चार महीने तक लगातार चले एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान के विभिन्न चरणों के प्रभावी संचालन के बाद आज 21 फरवरी 2026 को निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन किया गया है। मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने या सूची से अपना नाम हटाने से संबंधित दावे और आपतियां 23 दिसम्बर 2025 से 22 जनवरी 2026 के बीच प्रस्तुत किए गए थे। प्राप्त दावे/आपत्तियों का निराकरण 14 फरवरी 2026 तक किया गया।

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के अवसर पर जिला के सभी नागरिकों को इस अभियान में अभूतपूर्व सहयोग देने के लिए बधाई एवं आभार व्यक्त करते हुए बताया कि निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए 06 मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (ई.आर.ओ.), 164 सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (ए.ई.आर.ओ.), 1742 बूथ लेवल अधिकारियों (बी.एल.ओ.) और 3030 बूथ लेवल एजेंटी (बी.एल.ए.) सहित कई स्वयं सेवकों की सक्रिय भागीदारी रही है। जिला दुर्ग के मतदाताओं का उक्त पुनरीक्षण के दौरान सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ है। मीडिया, राजनीतिक दलों और अन्य संगठनों का भी निरंतर सहयोग प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में छूट न जाए तथा कोई किसी अपात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो, इस उद्देश्य के साथ भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची की शुद्धता, आधुनिकता और समावेशिता के लिए चलाए गए निर्वाचक नामावलियों के इस विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को सफल बनाने में निर्वाचन प्रणाली के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, बूथ लेवल अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का कार्य सराहनीय रहा है। बैठक में एडीएम अभिषेक अग्रवाल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अपर कलेक्टर बिरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, संयुक्त कलेक्टर हरवंश सिंह मिरी एवं सिल्ली थामस, एसडीएम पाटन लवकेश ध्रुव, एसडीएम धमधा सोनल डेविड सहित अन्य अधिकारी और भाजपा, बसपा, इंडियन नेशनल कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, नेशनल पीपुल्स पार्टी, आम आदमी पार्टी और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के जिला पदाधिकारी उपस्थित थे।
प्रमुख आंकडे और उपलब्धियां-
- डिजिटलीकरण - कुल 14,52,509 मतदाताओं में से 12,03,444 मतदाताओं से गणना फार्म प्राप्त हुए, जिनका पूर्ण रूप से डिजिटलीकरण किया गया।
- घर-घर सर्वे-बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा निरंतर घर-घर जाकर सर्वे किया गया, जिसमें मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित और दो स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं की पहचान की गई।
मतदाताओं की संख्या में बदलाव-
- प्रारूप (ड्राफ्ट) सूची से पहले 14,52,509 मतदाता।
- प्रारूप (ड्राफ्ट) सूची के प्रकाशन के बाद 12,03,444 मतदाता।
- अंतिम मतदाता सूची 12,35,230 मतदाता।
- शुद्धवृद्धि प्रारूप (ड्राफ्ट) सूची के प्रकाशन के बाद अंतिम सूची में 31,786 मतदाताओं की वृद्धि हुई है।