AI से बनाई लड़कियों की तस्वीरें दिखाकर शादी के नाम पर ठगी, भिलाई में फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़

फेसबुक-इंस्टाग्राम पर तीन नामों से चला रहे थे फर्जी मैरिज ब्यूरो, 24 वर्षीय संचालक गिरफ्तार; 22 कीपैड मोबाइल, 4 एंड्रॉयड फोन और 1.64 लाख रुपए नकद जब्त

AI से बनाई लड़कियों की तस्वीरें दिखाकर शादी के नाम पर ठगी, भिलाई में फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़

भिलाई। शादी के लिए जीवनसाथी तलाश रहे लोगों को सोशल मीडिया पर आकर्षक लड़कियों की तस्वीरें दिखाकर ठगी करने वाले फर्जी मैरिज ब्यूरो का सुपेला पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी AI की मदद से काल्पनिक युवतियों की तस्वीरें तैयार कर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर प्रचार करता था। इसके बाद विवाह के इच्छुक लोगों को पसंद की लड़की से शादी कराने का झांसा देकर शुरुआती तौर पर 2 हजार रुपए और अन्य रकम वसूलता था। पैसे मिलते ही संबंधित लोगों के मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट कर उनसे संपर्क तोड़ दिया जाता था। पुलिस ने इस मामले में 24 वर्षीय संचालक परमानंद यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के मुताबिक, 29 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सुपेला थाना क्षेत्र के उत्तर गंगोत्री भवन में यूनियन बैंक के पास स्थित एक परिसर में एलिट मैच मैट्रिमोनी के नाम से फर्जी मैरिज ब्यूरो चलाया जा रहा है। यहां कॉल सेंटर के माध्यम से फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों से ऑनलाइन ठगी की जा रही है। सूचना पर सुपेला पुलिस ने गवाहों के साथ मौके पर दबिश दी। वहां संचालक परमानंद यादव के साथ चार युवतियां काम करती मिलीं।

तलाशी के दौरान पुलिस को 22 कीपैड मोबाइल, चार एंड्रॉयड मोबाइल, 16 सिम कार्ड, कंप्यूटर, वाई-फाई, विभिन्न बैंकों की चेकबुक, भुगतान के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले क्यूआर कोड और ग्राहकों के मोबाइल नंबर व भुगतान का हिसाब रखने वाले रजिस्टर मिले। मौके से 1 लाख 64 हजार रुपए नकद सहित कुल 2 लाख 83 हजार 600 रुपए की सामग्री जब्त की गई।

तीन नामों से चला रहा था फर्जी नेटवर्क

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फ्यूचर पार्टनर, कल्याण मैट्रिमोनी और एलिट मैच मैट्रिमोनी के नाम से प्रचार करता था। इसके लिए AI से तैयार काल्पनिक युवतियों की तस्वीरों और फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जाता था। शादी के इच्छुक लोग संपर्क कर अपना बायोडाटा भेजते थे। इसके बाद उन्हें उनकी पसंद की लड़की उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया जाता था।

आरोपी ने मैरिज काउंसलर के नाम पर बैंक खाते और क्यूआर कोड तैयार कर रखे थे। इनके जरिए ग्राहकों से शुरुआती 2 हजार रुपए और अन्य रकम जमा कराई जाती थी। भुगतान मिलते ही ग्राहकों के नंबर ब्लैकलिस्ट कर दिए जाते थे।

नौकरी का झांसा देकर युवतियों को रखा था काम पर

पुलिस को मौके पर मिली चार युवतियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें अच्छी कंपनी में नौकरी देने का झांसा देकर बुलाया गया था। उन्हें 7 हजार रुपए मासिक वेतन देने का आश्वासन दिया गया था और दो दिन का प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके बाद उन्हें मैरिज काउंसलर बनाकर ग्राहकों से बातचीत करने और क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान लेने का काम सौंपा गया था।

प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी पिछले करीब तीन महीने से यह फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। यहां प्रतिदिन 20 से 50 कॉल किए और प्राप्त किए जाते थे। विभिन्न बैंक खातों की जांच में भारत सरकार के समन्वय पोर्टल पर भी संबंधित खातों के खिलाफ शिकायतें दर्ज मिलीं।

प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी पिछले करीब तीन महीने से यह फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। यहां प्रतिदिन 20 से 50 कॉल किए और प्राप्त किए जाते थे। विभिन्न बैंक खातों की जांच में भारत सरकार के समन्वय पोर्टल पर भी संबंधित खातों के खिलाफ शिकायतें दर्ज मिलीं।

कई राज्यों के लोगों से ठगी की आशंका

पुलिस ने आरोपी परमानंद यादव (24), निवासी ग्राम ओटेबंद, थाना नंदनी, अहिवारा, जिला दुर्ग, वर्तमान निवासी नेहरू नगर ईस्ट के खिलाफ सुपेला थाने में अपराध क्रमांक 1630/2026 के तहत बीएनएस की धारा 317(2) और 319(2) में अपराध दर्ज किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में सुपेला थाना प्रभारी निरीक्षक एसएन सिंह, उप निरीक्षक खेलन साहू, नमिता टेकाम, मिथलेश साहू और संतोष निर्मलकर की भूमिका रही।

पुलिस की अपील: दुर्ग पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर दिखने वाली विवाह संबंधी प्रोफाइल और मैरिज ब्यूरो की सत्यता जांचने के बाद ही भरोसा करने की अपील की है। विवाह के नाम पर किसी अनजान संस्था को रजिस्ट्रेशन या प्रोफाइल फीस न दें। ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर जानकारी दें।