ठेका श्रमिकों के मेडिकल परीक्षण को सरकारी और ESI अस्पतालों में भी मिले मान्यता

सांसद विजय बघेल के निर्देश पर बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने उठाया मुद्दा, मैनपावर की कमी दूर करने और श्रमिकों की छंटनी रोकने की मांग

ठेका श्रमिकों के मेडिकल परीक्षण को सरकारी और ESI अस्पतालों में भी मिले मान्यता

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत ठेका श्रमिकों के स्वास्थ्य, चिकित्सा सुविधा और कार्यस्थल पर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने पहल की है। सांसद विजय बघेल के निर्देश पर यूनियन अध्यक्ष उज्जवल दत्ता के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने इंडस्ट्रियल हेल्थ एवं सर्विसेज के डिप्टी डायरेक्टर मनीष कुंजाम से मुलाकात कर ठेका श्रमिकों के मेडिकल परीक्षण और संयंत्र में मैनपावर की कमी का मुद्दा उठाया।

यूनियन ने मांग की कि ठेका श्रमिकों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत सरकारी अस्पतालों और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESI) अस्पतालों में कराया गया मेडिकल परीक्षण भी भिलाई इस्पात संयंत्र में मान्य किया जाए। इसके साथ ही श्रमिकों की छंटनी तत्काल रोकने और संवेदनशील विभागों में पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई।

मेडिकल रिपोर्ट की मान्यता से श्रमिकों को मिलेगी राहत

यूनियन अध्यक्ष उज्जवल दत्ता ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र के विभिन्न विभागों में हजारों ठेका श्रमिक कार्यरत हैं और उत्पादन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इन श्रमिकों को धूल, धुआं, गैस, रसायन, अत्यधिक गर्मी और शोर जैसे औद्योगिक जोखिमों के बीच काम करना पड़ता है। ऐसे में नियमित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अनेक ठेका श्रमिक ईएसआई की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े हैं और वहीं अपना उपचार एवं मेडिकल परीक्षण कराते हैं। यदि किसी श्रमिक का निर्धारित मानकों के अनुसार सरकारी या ईएसआई अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है, तो संबंधित रिपोर्ट को भी बीएसपी में मान्यता दी जानी चाहिए। यूनियन का कहना है कि इससे श्रमिकों को बार-बार मेडिकल परीक्षण कराने की परेशानी से राहत मिल सकती है। साथ ही, जांच प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी कम होगी और उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।

मेडिकल जांच केवल औपचारिकता नहीं

उज्जवल दत्ता ने कहा कि मेडिकल जांच का उद्देश्य केवल औपचारिक प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि श्रमिकों के स्वास्थ्य की वास्तविक स्थिति का पता लगाना और औद्योगिक कार्यों से जुड़े जोखिमों की समय रहते पहचान करना होना चाहिए। सरकारी और ईएसआई अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं का लाभ ठेका श्रमिकों को भी मिलना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभाग से मेडिकल रिपोर्ट की मान्यता के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया, ताकि श्रमिकों को चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

मैनपावर की कमी से बढ़ रहा काम का दबाव

प्रतिनिधिमंडल ने संयंत्र में मैनपावर की कमी और इसके कारण श्रमिकों पर बढ़ते कार्यभार का मुद्दा भी उठाया। यूनियन के अनुसार, ठेका श्रमिकों की लगातार छंटनी और कर्मचारियों की कमी के चलते मौजूदा श्रमिकों पर काम का दबाव बढ़ रहा है। इससे कार्यस्थल पर सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ने की आशंका है। उज्जवल दत्ता ने कहा कि ऑपरेशन और इलेक्ट्रिकल जैसे संवेदनशील विभागों में पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित एवं सक्षम कर्मचारियों की उपलब्धता जरूरी है। इन विभागों में छोटी-सी चूक भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए काम की प्रकृति और निर्धारित आवश्यकता के अनुरूप मैनपावर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना होने के बाद कारणों की समीक्षा करने के साथ-साथ उन परिस्थितियों को पहले ही दूर करना जरूरी है, जो दुर्घटना की आशंका बढ़ाती हैं। पर्याप्त मैनपावर, नियमित मेडिकल जांच, उचित सुरक्षा उपकरण और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन सुरक्षित कार्य वातावरण के लिए महत्वपूर्ण है।

छंटनी रोकने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग

बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने मांग की कि ठेका श्रमिकों की छंटनी तत्काल बंद की जाए और जिन विभागों में कर्मचारियों की कमी है, वहां जरूरत के अनुसार पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध कराए जाएं। यूनियन ने कहा कि उत्पादन का दबाव श्रमिकों की सुरक्षा पर हावी नहीं होना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी डायरेक्टर मनीष कुंजाम से मेडिकल परीक्षण की मान्यता और मैनपावर की समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों एवं संयंत्र प्रबंधन के साथ आवश्यक पहल करने का आग्रह किया। यूनियन ने कहा कि सांसद विजय बघेल के निर्देश एवं मार्गदर्शन में ठेका श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाओं और अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए जाते रहेंगे। अब इन मांगों पर संबंधित विभागों और प्रबंधन की ओर से होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।