भिलाई के सरकारी अस्पताल में नशा छुड़ाने वाला सेंटर बना नशेड़ियों का ठिकाना, चार शीशी एविल इंजेक्शन और ओएसटी पाउडर ले जाते युवक पकड़ा गया






भिलाई। सुपेला स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के ओएसटी नशामुक्ति केंद्र को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शनिवार को अस्पताल परिसर से एक युवक को नशीली दवा लेकर बाहर निकलते समय लोगों ने पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। युवक के पास से चार शीशी एविल इंजेक्शन और एक कागज की पुड़िया में ओएसटी पाउडर मिला था। भाजपा नेत्री स्वीटी कौशिक ने सुपेला थाने में ज्ञापन सौंप ओएसटी सेंटर के डॉक्टर और स्टाफ कार कार्रवाई की भी मांग की है।

सन 2024 के दिसंबर माह में पद्मनाभपुर पुलिस ने नशे की दवा के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इस दौरान नशा मुक्ति केन्द्र में मिलने वाले ओएसटी पावडर का गलत इस्तेमाल करने की बात सामने आई थी। लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के नशामुक्ति केंद्र से नशे का ये खेल लंबे समय से चला आ रहा है। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक दुर्ग जितेन्द्र शुक्ला के निर्देश पर एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक तापेश नेताम के नेतृत्व में एसीसीयू की टीम को कार्रवाई के लिए लगाया गया था। टीम द्वारा एविल इंजेक्शन और ओएसटी पावडर को मिला कर इंजेक्शन के माध्यम से नशा करने वाले पद्यनाभपुर थाना क्षेत्र में 4 युवकों को नशा का सेवन करते पकड़ा था। पूछताछ में युवकों ने बताया कि एविल इंजेक्शन मेडिकल में मिल जाता है, नशे का पाउडर ओएसटी सेंटर से लाकर उसमें मिलाकर वो लोग उसे अपनी नश में इंजेक्ट करते हैं। इसके बाद नशा मुक्ति केन्द्र सुपेला के डॉ. मुनिष भगत को दवा को लेकर गंभीरता बरतने की चेतवानी दी गई थी।

ओएसटी सेंटर से दवा खाकर वहीं सेवन करने के बजाय कुछ लोग दवा लेकर बाहर निकल जाते हैं। बाद में एविल इंजेक्शन और ओएसटी पाउडर को मिलाकर शरीर में इंजेक्ट किया जाता है। नशा छुड़ाने के लिए बनाए गए इस केंद्र ने धीरे-धीरे नशेड़ियों का अड्डा जैसा रूप ले लिया है। अस्पताल प्रबंधन से लेकर आसपास के रहवासी कई बार इस केंद्र को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग कर चुके हैं। जानकारी के अनुसार ओएसटी सेंटर को शिफ्ट करने का आदेश करीब पांच माह पहले जारी हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी केंद्र अभी तक उसी स्थान पर संचालित हो रहा है। बताया जाता है कि आदेश की कॉपी को ओएसटी सेंटर के इंचार्ज डॉ. मुनिष भगत उसे लेने से मना कर दिया है। शनिवार की घटना के बाद फिर स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ओएसटी सेंटर को जल्द दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाए और अस्पताल परिसर में ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। 5 माह पहले 10 अगस्त 2025 कार्यालय परियोजना संचालक छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति स्वास्थ्य भवन नया रायपुर से लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल सुपेला में संचालित ओएसटी सेंटर को 10 बिस्तर आईसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किए जाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बाद भी ओएसटी सेंटर वहीं का वहीं संचालित हो रहा है।

