खुर्सीपार में 400 महिला कमांडो को दिया गया सिविल डिफेंस प्रशिक्षण

खुर्सीपार में 400 महिला कमांडो को दिया गया सिविल डिफेंस प्रशिक्षण

 भिलाई। थाना खुर्सीपार क्षेत्र के श्रीराम मैदान में महिला कमांडो के लिए सिविल डिफेंस प्रशिक्षण और प्रेरणा सम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल और शमशाद बेगम उपस्थित थे।

करीब 400 से अधिक महिला कमांडो ने खुर्सीपार, छावनी, जामुल, कुम्हारी और पुरानी भिलाई क्षेत्र से पहुंचकर प्रशिक्षण लिया। आपदा की स्थिति में तुरंत और सही प्रतिक्रिया कैसे दें, समाज में जागरूकता कैसे बढ़ाएं और कानून व्यवस्था में सक्रिय सहयोग कैसे करें, इसकी जनकारी प्राप्त की। एसडीआरएफ टीम ने सड़क दुर्घटना, आगजनी, बाढ़ और भूकंप जैसी परिस्थितियों में राहत और बचाव का लाइव प्रदर्शन किया। घायलों को सुरक्षित निकालना, प्राथमिक उपचार देना, आग से बचाव और समन्वित राहत कार्य सहित हर पहलू को समझाया गया।

प्रशिक्षण में बताया गया कि दुर्घटना के शुरुआती कुछ मिनट सबसे अहम होते हैं। सही प्राथमिक प्रतिक्रिया कई जिंदगियां बचा सकती है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों से आई महिला कमांडो टीमों को सशक्त बनाने के लिए टॉर्च और केन सिटी का वितरण किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक छावनी प्रशांत सिंह पैकरा, एसडीओपी धमधा डॉ. चित्रा वर्मा, जिला सेनानी नगर सेना नागेंद्र सिंह, थाना प्रभारी खुर्सीपार आनंद शुक्ला सहित पुलिस स्टाफ, महिला डेस्क टीम और एसडीआरएफ दल की समन्वित भूमिका रही।

सुरक्षित समाज के लिए आगे आएं महिला कमांडो: एसएसपी विजय अग्रवाल

महिला कमांडो सम्मेलन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने कहा कि महिला कमांडो सिर्फ सहयोगी नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा और जागरूकता की मजबूत कड़ी हैं। उनका काम वर्दी तक सीमित नहीं है, बल्कि मोहल्ले, वार्ड और गांव तक फैलता है। होली पर्व को देखते हुए उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि त्योहार खुशी का अवसर है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही माहौल बिगाड़ सकती है। ऐसे में महिला कमांडो अपने-अपने क्षेत्रों में संवाद बढ़ाएं, लोगों को संयम और जिम्मेदारी का संदेश दें। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि हर दिन छोटी-छोटी चूकें बड़ी दुर्घटनाओं में बदल रही हैं। हेलमेट न पहनना, तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाना—ये सब आदतें जानलेवा साबित हो रही हैं। उन्होंने महिला कमांडो से अपील की कि वे अपने आसपास के परिवारों और युवाओं को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें। जागरूकता ही सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।