सोने का बिस्किट दिलाने का झांसा देकर ठगी, यूपी के गाजियाबाद से आरोपी गिरफ्तार
रानीतराई पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर दूसरे राज्य तक पहुंचकर दबोचा, पूछताछ में साथी राहुल कुमार के साथ ठगी करना कबूला

दुर्ग। सोने का बिस्किट दिलाने का लालच देकर लोगों से धोखाधड़ी करने के मामले में रानीतराई पुलिस ने अंतरराज्यीय आरोपी को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। पूछताछ में आरोपी ने मोबाइल धारक राहुल कुमार के साथ मिलकर लोगों से धोखाधड़ी करना स्वीकार किया है।
मामले में प्रार्थी समीर साहू, निवासी ग्राम रेंगाकठोरा की शिकायत पर थाना रानीतराई में अपराध क्रमांक 16/2026 दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले में धारा 318(4), 3(5), 111 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।
मोबाइल लोकेशन ने पहुंचाया गाजियाबाद
विवेचना के दौरान पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जानकारी जुटाई। जांच में मोबाइल नंबरों की लोकेशन दूसरे राज्य में पाए जाने के बाद पुलिस टीम ने आवश्यक अनुमति प्राप्त की और उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हुई। रानीतराई पुलिस की टीम ने तकनीकी जानकारी के आधार पर इंदिरापुरम, जिला गाजियाबाद क्षेत्र में आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने आरोपी विश्वजीत मौर्य (29 वर्ष) को पकड़कर पूछताछ की।
पूछताछ में सामने आया ठगी का तरीका
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने मोबाइल धारक राहुल कुमार के साथ मिलकर लोगों से धोखाधड़ी करना स्वीकार किया। आरोपियों द्वारा लोगों को सोने का बिस्किट दिलाने का लालच देकर विश्वास में लिया जाता था और इसी लालच के माध्यम से उनसे रकम प्राप्त करने की बात सामने आई है। पुलिस अब मामले में ठगी की रकम, अन्य संलिप्त लोगों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मामलों के संबंध में जांच कर रही है।
गाजियाबाद से गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा
आरोपी विश्वजीत मौर्य को गाजियाबाद से विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसे 6 अक्टूबर 2026 को न्यायालय में पेश किया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। आरोपी मूल रूप से रायबरेली, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और वर्तमान में इंदिरापुरम, गाजियाबाद में रह रहा था।
पुलिस की जांच जारी
रानीतराई पुलिस के अनुसार मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका, ठगी की रकम के लेनदेन और इसी तरह की अन्य घटनाओं से आरोपियों के संबंध की जांच जारी है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
