हथखोज की स्टील इंफा सॉल्यूशन में मौत के बाद खुली सुरक्षा व्यवस्था की पोल
जांच में सामने आईं गंभीर खामियां, अनस्किल्ड वर्कर चला रहा था क्रेन; चेन के हुक में सेफ्टी लैच तक नहीं, विभाग ने सभी EOT और हाइड्रा क्रेन बंद कराए

दुर्ग, 31 अगस्त। हथखोज स्थित मेसर्स स्टील इंफा सॉल्यूशन कंपनी लिमिटेड में 19 अगस्त को हुए प्राणांतक हादसे के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की प्राथमिक जांच में कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर खामियां सामने आई हैं। हादसे में CNC हेल्पर राजेश कुमार निर्मलकर (40) की मौत हुई थी। दुर्घटना के बाद 20 अगस्त को विभागीय अधिकारियों ने कारखाने पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच में क्रेन संचालन से लेकर उसके रखरखाव, प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरणों तक कई स्तर पर लापरवाही सामने आने की बात कही गई है।
अनस्किल्ड वर्कर से कराया जा रहा था क्रेन का संचालन
विभागीय जांच में सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि क्रेन का संचालन सक्षम और अधिकृत व्यक्ति से कराने के बजाय अनस्किल्ड वर्कर से कराया जा रहा था। क्रेन संचालन के लिए निर्धारित सुरक्षा नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था। जांच में क्रेन के संचालन, रखरखाव, पर्यवेक्षण और श्रमिकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था में भी खामियां पाई गईं। इससे कारखाने में भारी मशीनरी के संचालन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
क्रेन की चेन के हुक में सेफ्टी लैच भी नहीं
निरीक्षण के दौरान आई-बीम, क्रेन की चेन और अन्य संबंधित उपकरणों के उचित रखरखाव एवं नियमित निरीक्षण की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। इससे भी ज्यादा गंभीर बात यह रही कि क्रेन की चेन में लगे हुक में आवश्यक सेफ्टी लैच या सेफ्टी कैच उपलब्ध नहीं था। विभाग के अनुसार ऐसी स्थिति में भार के अनियंत्रित रूप से निकलने की संभावना बनी रहती है और यह श्रमिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
24 जनवरी को भी हुआ था प्राणांतक हादसा
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि 24 जनवरी 2026 को इसी कारखाने में EOT क्रेन संचालन के दौरान एक अन्य प्राणांतक दुर्घटना हो चुकी थी। इस मामले में विभाग की ओर से न्यायालय में अभियोजन भी प्रस्तुत किया गया था। इसके बावजूद हालिया जांच में क्रेन संचालन और रखरखाव से जुड़े सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होना विभाग के लिए गंभीर विषय पाया गया।
SOP और श्रमिकों की ट्रेनिंग में भी कमी
जांच में क्रेन संचालन के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP), श्रमिकों के प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण, नियमित निरीक्षण तथा सुरक्षा उपकरणों की जांच और परीक्षण की व्यवस्था में भी कमियां सामने आईं। यानी मामला केवल एक उपकरण की खराबी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जांच में सुरक्षा व्यवस्था के कई स्तरों पर खामियां सामने आने की बात विभाग ने कही है। प्राणांतक हादसे और जांच में सामने आई सुरक्षा खामियों को देखते हुए औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता, 2020 की धारा 38(1)(क) में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए कारखाने में स्थापित सभी EOT क्रेन और हाइड्रा क्रेन का संचालन तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। कारखाना प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि क्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए जांच में सामने आई अनियमितताओं को दूर करने के संबंध में किए जाने वाले तकनीकी और पर्याप्त सुधारात्मक उपायों की जानकारी तथा आवश्यक दस्तावेज तत्काल विभाग के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं।
क्रेन बंद, लेकिन श्रमिकों का वेतन नहीं रुकेगा
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश की अवधि में कारखाने में नियोजित श्रमिकों को देय वेतन और अन्य भत्तों का भुगतान निर्धारित तिथि पर करना होगा।
