नवदंपतियों को चुनरी और मिठाई भेंट कर दिया आशीर्वाद, महिला सदस्यों की सक्रिय भागीदारी बनी प्रेरणा

नवदंपतियों को चुनरी और मिठाई भेंट कर दिया आशीर्वाद, महिला सदस्यों की सक्रिय भागीदारी बनी प्रेरणा

सामाजिक सरोकारों के प्रति सतत सक्रिय संस्था “दिशा” ने अग्रसेन भवन,भिलाई में आयोजित 'सामूहिक सरल विवाह समारोह' में अपनी संवेदनशील भागीदारी दर्ज कराते हुए नवदंपतियों को आशीर्वाद स्वरूप चुनरी एवं मिठाई भेंट की। कार्यक्रम में संगीत गुरु, अलका देशपांडे जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

संस्था "दिशा" के इस पहल ने न केवल नवविवाहित जोड़ों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी, बल्कि समाज में सहयोग और सेवा की भावना को भी सुदृढ़ किया।

कार्यक्रम के दौरान “दिशा” की महिला सदस्यों की विशेष सक्रियता देखने को मिली। उन्होंने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ इस सेवा कार्य में भाग लेते हुए दान सामग्री का सुव्यवस्थित वितरण किया। उनकी सहभागिता ने यह संदेश दिया कि सामाजिक कार्यों में महिलाओं की भूमिका न केवल महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रेरणादायक भी है।

संस्था के सदस्यों का मानना है कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजनों में इस प्रकार का सहयोग नवदंपतियों के जीवन की नई शुरुआत को सहज और सम्मानजनक बनाता है। चुनरी एवं मिठाई जैसे पारंपरिक उपहार भारतीय संस्कृति में शुभता और सम्मान का प्रतीक माने जाते हैं, जिससे इस पहल का महत्व और बढ़ जाता है।

इस कार्यक्रम में संस्था "दिशा" की ओर से श्री राजेश धारकर, जवाहर, उत्तम डे, नरसिम्हा राव, शांतनु दासगुप्ता,भास्कर देवनाथ,अंजन रायचौधरी,जी.एस.संधू, बापी दास, प्रदीप दास, मोहन गिरी,अशोक निम्बरते,श्रीमती झरना रानी राय, सुधा,एलिस,रीता दास,चित्रा,अपर्णा देबनाथ, चित्रा दास आदि सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने “दिशा” की इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की और इसे समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बताया। संस्था द्वारा किया गया यह प्रयास यह दर्शाता है कि छोटे-छोटे सहयोग भी किसी के जीवन में बड़ी खुशियाँ ला सकते हैं।