जीना यहां, मरना यहां पर प्रस्तुति ने जीता सबका दिल, देश राग में 73 की उम्र में सतीशन ने दी शानदार प्रस्तुति
कुचिपुड़ी से बॉलीवुड डांस तक, एसएनजी विद्यालय सेक्टर-4 में सजी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की महफिल









भिलाई। कला, संस्कृति और संगीत के रंगों से सजे भिलाई के एसएनजी सेक्टर-4 में देश राग 21वें ऑल इंडिया फेस्टिवल एंड कॉम्पिटिशन ऑफ आर्ट एंड कल्चर का आयोजन जारी है। इस आयोजन में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। मंच पर कहीं भारतीय शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक छटा दिखाई दे रही है, तो कहीं लोक नृत्य, बॉलीवुड प्रस्तुतियों और संगीत की मधुर धुनों से दर्शक मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।
नृत्यधाम कला समिति भिलाई के इस आयोजन में 73 वर्षीय ईटी सतीशन की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। ईटी सतीशन ने सदाबहार गीत ‘जीना यहां, मरना यहां’ पर शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। उम्र के इस पड़ाव पर भी मंच के प्रति उनका उत्साह और गीत के प्रति उनका जुड़ाव लोगों को प्रभावित कर गया। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह प्रस्तुति इस बात का सुंदर उदाहरण बनी कि कला के प्रति लगन और अभिव्यक्ति का जज्बा उम्र का मोहताज नहीं होता।
फेस्टिवल में भारतीय कला और संस्कृति की विविधता देखने को मिल रही है। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागी कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम, कथक और मोहिनीअट्टम जैसे शास्त्रीय नृत्यों के माध्यम से भारतीय परंपराओं की खूबसूरती प्रस्तुत कर रहे हैं। इसके साथ ही मणिपुरी नृत्य, अर्धशास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य और बॉलीवुड शैली की प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं। हर नृत्य शैली की अपनी अलग पहचान, भाव-भंगिमा और प्रस्तुति की विशेषता होती है। कलाकार अपनी शारीरिक मुद्राओं, लय, ताल और भावों के माध्यम से दर्शकों तक अपनी कला पहुंचा रहे हैं। पारंपरिक नृत्य शैलियों के साथ आधुनिक प्रस्तुतियों का मेल इस आयोजन को विविधतापूर्ण बना रहा है।