पुलिस का तड़के सुबह बड़ा एक्शन, 200 पुलिसकर्मियों ने बस्तियों में चलाया सघन चेकिंग अभियान
घर-घर पहुंचकर पुलिस ने खंगाले रिकॉर्ड, संदिग्धों से पूछताछ; खुर्सीपार की देवार बस्ती से दो स्थायी वारंटी गिरफ्तार

दुर्ग। जिले में अपराधों पर अंकुश लगाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से दुर्ग पुलिस ने बुधवार, 28 अक्टूबर की तड़के सुबह दुर्ग, भिलाई नगर और छावनी अनुविभाग के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया। करीब 200 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान बस्तियों में घर-घर जाकर रहवासियों से पूछताछ की गई और उनके रिकॉर्ड की जांच की गई। अभियान के दौरान खुर्सीपार स्थित अटल आवास देवार बस्ती से दो स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार कर वारंट की तामील की गई।
पुलिस ने यह अभियान मादक पदार्थों, अवैध हथियारों, संदिग्ध वस्तुओं और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान करने के उद्देश्य से चलाया। कार्रवाई के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की गई। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
तीन राजपत्रित अधिकारियों के नेतृत्व में कार्रवाई
विशेष चेकिंग अभियान तीन राजपत्रित पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में चलाया गया। रायपुर नाका स्थित उड़िया बस्ती, पदमनाभपुर में नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग भारती मरकाम के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। वहीं, सुपेला के अटल आवास क्षेत्र में नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर निशांत पाठक तथा खुर्सीपार स्थित अटल आवास देवार बस्ती में उप पुलिस अधीक्षक यातायात श्री विशाल सोन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच की। अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों ने संबंधित क्षेत्रों में रह रहे लोगों से पूछताछ की और उपलब्ध रिकॉर्ड का सत्यापन किया। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही पूर्व अपराधियों की जानकारी भी जांच के दायरे में रखी गई।
खुर्सीपार में दो स्थायी वारंटी गिरफ्तार
अभियान के दौरान खुर्सीपार के अटल आवास देवार बस्ती में पुलिस को दो स्थायी वारंटियों के विरुद्ध कार्रवाई में सफलता मिली। दोनों को गिरफ्तार कर उनके वारंट की तामील की गई। पुलिस ने क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों की जांच करते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की।
200 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी रहे शामिल
इस व्यापक अभियान में दुर्ग, भिलाई नगर और छावनी अनुविभाग के विभिन्न थाना-चौकी प्रभारी और पुलिस बल शामिल रहे। इसके अलावा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ), एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (एसीसीयू), यातायात पुलिस तथा रक्षित केंद्र दुर्ग के अधिकारी-कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया। अभियान में कुल मिलाकर लगभग 200 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहे।