हुडको कालीबाड़ी में 40वां दुर्गोत्सव, 16 अक्टूबर से शुरू होगी मां दुर्गा की आराधना
16 से 21 अक्टूबर तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, 25 अक्टूबर को कोजागरी लक्ष्मी पूजा और 8 नवंबर को काली पूजा










भिलाई। रबिन्द्र निकेतन कालीबाड़ी, हुडको द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शारदीय दुर्गोत्सव धूमधाम और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। आयोजन का यह 40वां वर्ष है। संस्था की ओर से दुर्गा पूजा, लक्ष्मी पूजा और काली पूजा सहित वर्षभर के प्रमुख धार्मिक आयोजनों की रूपरेखा तैयार की गई है। दुर्गोत्सव के दौरान मां दुर्गा की आराधना, पुष्पांजलि, भोग वितरण, आरती और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धालु शामिल होंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 अक्टूबर को षष्ठी पूजा के साथ दुर्गोत्सव की शुरुआत होगी। इस दिन सुबह पूजा, पुष्पांजलि और देवी बोधन, आमंत्रण एवं अधिवास आरती के अनुष्ठान होंगे। 17 अक्टूबर को सप्तमी पूजा के अवसर पर नवपत्रिका प्रवेश, पुष्पांजलि, भोग और प्रसाद वितरण किया जाएगा। 18 अक्टूबर को सप्तमी के विशेष पूजा अनुष्ठान निर्धारित हैं। वहीं, 19 अक्टूबर को महाष्टमी पर पूजा, पुष्पांजलि, भोग, संधि पूजा और संध्या आरती का आयोजन होगा। 20 अक्टूबर को महानवमी पूजा के साथ हवन, भोग एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा। 21 अक्टूबर को दशमी पूजा, पुष्पांजलि, अपराजिता पूजा, सिंदूर दान और प्रतिमा विसर्जन के कार्यक्रम होंगे। रबिन्द्र निकेतन कालीबाड़ी, हुडको का यह 40वां दुर्गोत्सव क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। संस्था की ओर से श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों से सभी धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर मां दुर्गा का आशीर्वाद लेने की अपील की गई है।
लक्ष्मी पूजा और काली पूजा की भी तैयारी
दुर्गोत्सव के बाद 25 अक्टूबर को कोजागरी लक्ष्मी पूजा आयोजित की जाएगी। इसके बाद 8 नवंबर को दीपावली के अवसर पर काली पूजा, हवन, आरती, पुष्पांजलि और प्रसाद वितरण होगा। संस्था के कार्यक्रम में 17 नवंबर को कार्तिक पूजा, 18 नवंबर को जगद्धात्री पूजा तथा 11 फरवरी 2027 को बसंत पंचमी के आयोजन भी शामिल हैं।
छह दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रौनक
दुर्गोत्सव के अवसर पर 16 से 21 अक्टूबर तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन में बच्चों की नृत्य प्रस्तुतियों, संगीत संध्या और युवाओं के कार्यक्रमों के साथ मां दुर्गा की आराधना और सांस्कृतिक परंपराओं का संगम देखने को मिलेगा। आयोजन की शुरुआत 16 अक्टूबर को षष्ठी के दिन बच्चों के पुरस्कार वितरण और नृत्य कार्यक्रम से होगी। यह कार्यक्रम शाम 7:30 बजे से आयोजित किया जाएगा। 17 अक्टूबर को सप्तमी के अवसर पर हुडको के सुरसप्तक समूह द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाएगी। यह कार्यक्रम रात 8 बजे से शुरू होगा। 18 अक्टूबर को संगीत संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पंडित उल्लास, देबब्रत, सुमीता सरकार और मौ दत्ता अपनी प्रस्तुतियां देंगे। संगीत संध्या रात 8 बजे से होगी।
विशेष संगीत प्रस्तुति होगी आकर्षण
19 अक्टूबर को अष्टमी के अवसर पर नागपुर के स्पर्श ब्लाइंड म्यूजिकल ग्रुप द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। ‘एक शाम मां के नाम’ थीम पर आयोजित यह कार्यक्रम रात 8 बजे से होगा। 20 अक्टूबर को नवमी के अवसर पर संस्था का युवा समूह सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेगा। 21 अक्टूबर तक चलने वाले दुर्गोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
