20 साल और 5 साल की सजा: दुर्ग पुलिस की मजबूत पैरवी से दो आरोपियों को मिला कड़ा दंड

दुर्ग। महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों में दुर्ग पुलिस की प्रभावी विवेचना और मजबूत साक्ष्य प्रस्तुति का असर न्यायालय में साफ दिखा। दो अलग-अलग प्रकरणों में आरोपियों को क्रमशः 20 वर्ष और 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।

पहला मामला थाना नेवई क्षेत्र का है, जहां अपराध क्रमांक 49/2025 में बीएनएस की धारा 64, 65(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5, 6 के तहत दर्ज प्रकरण में आरोपी जगन्नाथ यादव को न्यायालय ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए ठोस साक्ष्य जुटाए और अदालत में मजबूत तरीके से पेश किया।

दूसरा मामला थाना मोहन नगर का है। अपराध क्रमांक 137/2025 में बीएनएस की धारा 74, 75(1) के तहत आरोपी तामेश्वर यादव को 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। यहां भी विवेचना और अभियोजन पक्ष के बीच बेहतर समन्वय ने दोषसिद्धि में अहम भूमिका निभाई।

इन दोनों मामलों में उत्कृष्ट जांच और सशक्त पैरवी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने विवेचना टीम और लोक अभियोजकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
पुलिस के मुताबिक, महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े अपराधों में सख्ती से कार्रवाई और प्रभावी अनुसंधान के चलते ही इन मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सकी।
इन प्रकरणों में विशेष लोक अभियोजक रूपवती तिल्लीवार, उप निरीक्षक कमल सिंह सागर, सहायक उप निरीक्षक हेमलता वर्मा और महिला प्रधान आरक्षक मीना ठाकुर की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

