1 नवंबर से देशभर में लागू हुए बड़े बदलाव, महंगा हुआ कमर्शियल गैस सिलिंडर, टोल से बैंकिंग तक बदले नियम
दिवाली-छठ के बीच महंगाई का झटका, विमान ईंधन भी हुआ महंगा; अब अनजान नंबर से कॉल आने पर दिखेगा कॉलर का असली नाम, पेंशनरों को 30 नवंबर तक देना होगा जीवन प्रमाणपत्र

नई दिल्ली। नवंबर महीने की शुरुआत आम लोगों और कारोबारियों के लिए कई बड़े बदलाव लेकर आई है। महीने के पहले ही दिन महंगाई का झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में 10 से 12 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि, घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है और 14.2 किलोग्राम वाले सिलिंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
लेकिन बात सिर्फ रसोई गैस तक सीमित नहीं है। नवंबर से टोल प्लाजा, पेंशन, म्यूचुअल फंड, जीएसटी और मोबाइल कॉलिंग से जुड़े नियमों में भी बदलाव लागू किए गए हैं। वहीं, विमान ईंधन की कीमतों में लगातार चौथे महीने बढ़ोतरी होने से हवाई यात्रा का खर्च भी बढ़ने की आशंका है। इन बदलावों का सीधा असर आम आदमी की जेब, कारोबारियों की लागत और निवेशकों के फैसलों पर पड़ सकता है।
कमर्शियल गैस सिलिंडर हुआ महंगा, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत
त्योहारी सीजन के बीच होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग कारोबारियों को महंगाई का झटका लगा है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में 10 से 12 रुपये तक की वृद्धि की गई है। इससे खाद्य कारोबार से जुड़े व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। हालांकि, घरेलू रसोई गैस सिलिंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पेंशनरों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की सुविधा
पेंशनभोगियों के लिए नवंबर का महीना महत्वपूर्ण है। डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान शुरू हो गया है। अब पेंशनर स्मार्टफोन के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक से घर बैठे अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकेंगे। 80 वर्ष से कम आयु के पेंशनरों को 30 नवंबर तक जीवन प्रमाणपत्र जमा करना होगा, ताकि उनकी पेंशन निर्बाध रूप से जारी रह सके।
म्यूचुअल फंड निवेशकों को मिलेगा डायरेक्ट प्लान का विकल्प
म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी बदलाव किया गया है। एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अब डायरेक्ट प्लान डिफॉल्ट विकल्प होगा। यदि कोई निवेशक रेगुलर प्लान चुनता है, तो उसे पहले दोनों योजनाओं के एक्सपेंस रेश्यो यानी खर्च के अंतर की जानकारी दी जाएगी। इससे निवेशक सोच-समझकर अपना निवेश विकल्प चुन सकेंगे।
टोल प्लाजा पर 1500 रुपये का सालाना रियायती पास
टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले निजी वाहन मालिकों के लिए राहत की व्यवस्था की गई है। पात्र स्थानीय वाहन मालिकों को संबंधित टोल प्लाजा से नियमित आवागमन के लिए रियायती पास की सुविधा मिलेगी। इसके तहत सालाना 1500 रुपये से 3000 रुपये तक खर्च कर पूरे साल टोल प्लाजा से आवागमन किया जा सकेगा। यह सुविधा निर्धारित पात्रता और नियमों के अधीन होगी।
जीएसटी में कारोबारियों को मिलेगी राहत
जीएसटी व्यवस्था में भी कई बदलाव लागू किए गए हैं। कारोबारियों को बिक्री के बाद छूट देने, क्रेडिट नोट जारी करने और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) रिफंड की प्रक्रिया में सहूलियत मिलेगी। इसके अलावा ई-कॉमर्स कारोबारियों के लिए दूसरे राज्यों में पंजीकरण की प्रक्रिया को भी आसान बनाने के प्रावधान किए गए हैं।
अब अनजान नंबर से कॉल आने पर दिखेगा असली नाम
मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) से जुड़ा है। इसके तहत अनजान नंबर से फोन आने पर कॉल करने वाले का पंजीकृत नाम स्क्रीन पर दिखाई देने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए अलग से कोई ऐप डाउनलोड करने या मोबाइल की सेटिंग बदलने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, इसकी उपलब्धता दूरसंचार कंपनियों और नेटवर्क पर निर्भर करेगी।
विमान ईंधन की कीमतों में लगातार चौथे महीने बढ़ोतरी
हवाई यात्रा से जुड़े क्षेत्र के लिए भी नवंबर की शुरुआत महंगी साबित हुई है। विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) की कीमत 137.12 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 138.50 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। यह लगातार चौथे महीने की बढ़ोतरी है। विमानन कंपनियों के कुल परिचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत तक होती है। ऐसे में एटीएफ की कीमतों में लगातार वृद्धि से एयरलाइंस पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है और भविष्य में हवाई किरायों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
आम आदमी की जेब पर पड़ेगा असर
नवंबर की पहली तारीख से लागू हुए ये बदलाव अलग-अलग वर्गों को प्रभावित करेंगे। कारोबारियों को कमर्शियल गैस की बढ़ी कीमत चुकानी होगी, पेंशनरों को समय पर जीवन प्रमाणपत्र जमा करना होगा, निवेशकों को म्यूचुअल फंड के विकल्पों की नई व्यवस्था मिलेगी और वाहन चालकों को टोल पास की सुविधा का लाभ मिल सकता है। वहीं, विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर विमानन क्षेत्र पर पड़ सकता है।