दशहरा मैदान में सूखे नशे का कारोबार, 89 नशीली गोलियों के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
वैशाली नगर पुलिस की कार्रवाई में ₹5 हजार नकद बरामद, अल्प्राजोलम की गोलियां कहां से आईं और किन लोगों तक पहुंचाई जा रही थीं, इसकी जांच जारी

भिलाई। दुर्ग जिले में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वैशाली नगर पुलिस ने दशहरा मैदान क्षेत्र से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के कब्जे से अल्प्राजोलम 0.5 एमजी की कुल 89 गोलियां और 5 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दशहरा मैदान, वैशाली नगर क्षेत्र में दो व्यक्ति नशीली गोलियां रखकर अवैध रूप से बेच रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पुलिस ने पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान विनोद तिवारी (45 वर्ष), निवासी सावूदनगर, वैशाली नगर और अमित नाग उर्फ भांचा (28 वर्ष), निवासी पावर हाउस, भिलाई के रूप में बताई है।
तलाशी के दौरान विनोद तिवारी के कब्जे से अल्प्राजोलम 0.5 एमजी की 59 गोलियां और 3 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। वहीं, अमित नाग के पास से 30 गोलियां और 2 हजार रुपये नकद मिलने की जानकारी पुलिस ने दी है। इस तरह कुल 89 गोलियां और 5 हजार रुपये नकद जब्त किए गए। पुलिस ने थाना वैशाली नगर में अपराध क्रमांक 387/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 22(ख) एवं 27(क) में मामला दर्ज किया है। मामले की विवेचना की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गोलियां आरोपियों तक कहां से पहुंचीं और इस कथित अवैध कारोबार में अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं है। पुलिस विज्ञप्ति में दोनों आरोपियों के विरुद्ध पहले दर्ज कुछ आपराधिक मामलों का भी उल्लेख है। विनोद तिवारी के खिलाफ पूर्व में एनडीपीएस एक्ट और चोरी से संबंधित प्रकरण दर्ज होने की जानकारी दी गई है। वहीं, अमित नाग के विरुद्ध आर्म्स एक्ट सहित अन्य प्रकरणों का उल्लेख है। इन मामलों की वर्तमान स्थिति और न्यायिक परिणाम की पुष्टि संबंधित अभिलेखों से की जानी है। वैशाली नगर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद नशीली गोलियों की उपलब्धता और उनके संभावित वितरण नेटवर्क को लेकर जांच महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस की आगे की विवेचना से ही यह स्पष्ट होगा कि जब्त गोलियां कहां से लाई गई थीं और इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था या नहीं।