साइबर ठगी के म्यूल अकाउंट नेटवर्क पर दुर्ग पुलिस की कार्रवाई, एक और आरोपी गिरफ्तार; संख्या 33 पहुंची

बंधन बैंक के 172 खातों के दुरुपयोग का मामला, कमीशन लेकर ठगी की रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर करने का आरोप

साइबर ठगी के म्यूल अकाउंट नेटवर्क पर दुर्ग पुलिस की कार्रवाई, एक और आरोपी गिरफ्तार; संख्या 33 पहुंची

भिलाई। देशभर में साइबर ठगी की रकम बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर करने के मामले में दुर्ग पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। सुपेला थाना पुलिस की कार्रवाई में प्रकाश मंगराज (23 वर्ष), निवासी सुपेला को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकरण में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 33 हो गई है।

पुलिस के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर बंधन बैंक के 172 खातों से संबंधित साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि इन बैंक खातों का इस्तेमाल देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम जमा करने और उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।

कमीशन लेकर ट्रांसफर करते थे ठगी की रकम

विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि कुछ खाताधारक अपने बैंक खाते साइबर ठगी में शामिल लोगों को इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराते थे। इन खातों में ठगी की रकम जमा होने के बाद कमीशन लेकर उसे दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था।

पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर प्रकाश मंगराज को गिरफ्तार किया है। इस मामले में इससे पहले 32 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। ताजा कार्रवाई के बाद यह संख्या बढ़कर 33 हो गई है।

देश के कई राज्यों से जुड़े लेन-देन

पुलिस के अनुसार, मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। बैंक खातों के जरिए हुए संदिग्ध लेन-देन देश के विभिन्न राज्यों में सामने आए साइबर ठगी के मामलों से जुड़े हैं। पुलिस इस नेटवर्क और खातों के इस्तेमाल से संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है।

प्रकरण में अपराध क्रमांक 679/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(3) और 318(4) के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

बैंक खाता किराये पर देना पड़ सकता है भारी

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि कमीशन या आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी अनजान लोगों को उपलब्ध कराना गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है।

पुलिस ने संदिग्ध बैंक लेन-देन की जानकारी तत्काल बैंक और पुलिस को देने की अपील की है। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करने की सलाह दी गई है।