बाल यौन शोषण से जुड़ी अश्लील सामग्री ऑनलाइन शेयर करने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार

साइबर टिपलाइन से मिला था इनपुट, IP एड्रेस और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच के बाद पुलिस ने की कार्रवाई, दो नाबालिग भी शामिल।

बाल यौन शोषण से जुड़ी अश्लील सामग्री ऑनलाइन शेयर करने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर बच्चों से संबंधित अश्लील एवं यौन शोषण सामग्री का ऑनलाइन आदान-प्रदान करने वालों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की साइबर टिपलाइन से मिली सूचना के आधार पर साइबर सेल दुर्ग और संबंधित थानों की संयुक्त टीम ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो नाबालिग भी शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, साइबर टिपलाइन के माध्यम से सूचना मिली थी कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुछ लोग इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री का आदान-प्रदान एवं अपलोड कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने IP एड्रेस, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट का तकनीकी विश्लेषण किया। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी गई। इस कार्रवाई में कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने थाना पुरानी भिलाई, छावनी, जामुल, नेवई और बोरी में कुल 6 अपराध दर्ज किए हैं। आरोपियों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 67(B) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक, पुरानी भिलाई में अपराध क्रमांक 630/2026, छावनी में 759/2026, जामुल में 835/2026 और 836/2026, नेवई में 741/2026 तथा बोरी थाने में अपराध क्रमांक 97/2026 दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

  1. पोषण लाल देवांगन, निवासी शिवाजी मार्ग, वार्ड नंबर 12, रामनगर, सुपेला, जिला दुर्ग।

  2. दिनेश प्रजापति, 20 वर्ष निवासी नया पारा, बासिन, करंजा, चौकी जेवरा सिरसा, जिला दुर्ग।

  3. उमेश कुमार साहू, उम्र 43 वर्ष, निवासी चेतना चौक, भाठापारा, कुरूद, थाना जामुल, जिला दुर्ग

  4.  मुकेश विश्वकर्मा 23 वर्ष ग्राम ढौर जामुल

  5. प्रकाश दास 26 वर्ष  बीआरपी कॉलोनी स्टेशन मरोदा निवास 

  6. दो नाबालिगों के संबंध में किशोर न्याय कानून के तहत प्रक्रिया अपनाई गई है।